CTET से अध्यापक बनने का महत्त्व
CTET परीक्षा की तैयारी करने से पहले एक शिक्षक बनने की दिशा में, इसके महत्व को जानना जरूरी है. इसीलिए हमें यह बात यहाँ विस्तारपूर्वक समझाई है.
केन्द्रीय शिक्षक भर्ती परीक्षा या CTET परीक्षा केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद् (सीबीएसई) द्वारा आयोजित की जाती है. पहले यह साल में दो बार आयोजित की जाती थी. परन्तु इस बार से यह साल में केवल दो बार आयोजित की जायेगी.
इस परीक्षा का मुख्य उद्देश्य सराकरी विद्यालयों में गुणवत्ता वाले तथा कुशल शिक्षकों की भर्ती करवाना होता है. वो विद्यार्थी जो सरकारी तथा अन्य अच्छे विद्यालयों में शिक्षक बनना चाहते हैं उनके लिए यह परीक्षा पहली सीढ़ी की तरह है.
इसके आलवा दूसरा सवाल जो दिमाग में आता है उसका मतलब ये है कि CTET के सर्टिफिकेट का क्या महत्व है?
बहुत सारे अभ्यर्थियों को यह बात नहीं पता होती कि CTET के सर्टिफिकेट मिलने के बाद सरकारी शिक्षक की नौकरी कैसे मिलती है? इस सवाल को मद्देनजर रखते हुए हम CTET सर्टिफिकेट के महत्त्व तथा इसके बारे में पूरी जानकारी यहाँ दे रहे हैं.
CTET का महत्त्व
जैसा की हम जानते है CTET का सर्टिफिकेट सरकारी विद्यालयों में शिक्षक की नौकरी पाने के लिए पहला कदम है. CTET परीक्षा पास करने के बाद ही एक सरकारी विद्यालय में नौकरी पायी जा सकती है. CTET के उत्तीर्ण होने के सर्टिफिकेट मिलने के बाद एक अभ्यर्थी विद्यालयों में निकली नियुक्तियों के लिए आवेदन कर सकता है.
CTET उत्तीर्ण करने के बाद एक अभ्यर्थी केंद्र सरकार की शिक्षक की नौकरी जैसे कि KVS, NVS आर्मी शिक्षक, ERDO आदि के लिए आवेदन कर सकता है. इन नौकरियों के लिए बिना CTET उत्तीर्ण किये आवेदन नही किया जा सकता है.
CTET परीक्षा में सफल अभ्यर्थी राज्य सरकारों के सरकारी विद्यालयों में भी आवेदन कर सकते हैं.
इसके आलावा अच्छे निजी विद्यालयों में भी CTET पास किये अभ्यर्थी को वरीयता दी जाती है. इसके आलवा बहुत से केन्द्र्शाषित प्रदेश CTET को वरीयता देते हैं.
उत्तीर्णता के मापदंड तथा वैधता
CTET की परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को अंक तालिका दी जाती है. सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को उतीर्ण होने के लिए 60% या इससे अधिक अंक लाने की जरूरत होती है.
विद्यालय प्रबंधन SC/ST, तथा OBC वर्ग के अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण होने के लिए थोड़ी छूट भी देता है. यह छूट आरक्षण नीति के तहत निर्धारित की जाती है.
उत्तीर्ण होने के लिए जो अंक चाहिए उनकी तालिका हमने नीचे दी है :
सामान्य 60% 150 में से 90 अंक
ओबीसी 55% 150 में से 82 अंक
एससी/ एसटी 50 % 150 में से 75 अंक
CTET परीक्षा की वैधता परिणाम घोषणा की तिथि के 7 वर्ष तक मान्य रहती है. और CTET परीक्षा में उत्तीर्ण होने का कोई भी अभ्यर्थी कितनी बार भी प्रयत्न कर सकता है. CTET उत्तीर्ण किया हुआ अभ्यर्थी भी, दुबारा परीक्षा दे सकता ताकि वह अपने अंक सुधर सके. इसीलिए हम अभ्यर्थियों से यही कहेंगे की CTET की तैयारी अच्छे से करे, यह आपके लिए शिक्षण क्षेत्र में कई अवसर खोल देगा.