भुवनेश्वर: प्रख्यात शिक्षाविद्, समाजसेवी तथा कीट-कीस-कीम्स के संस्थापक डॉ. अच्युत सामंत को राजस्थान के प्रतिष्ठित एवं राज्य के सबसे पुराने सरकारी विश्वविद्यालयों में से एक Maharaja Ganga Singh University द्वारा मानद डॉक्टरेट (Honorary Doctorate) की उपाधि से सम्मानित किया गया। यह उनके जीवन की 75वीं मानद डॉक्टरेट की डिग्री है।
यह सम्मान आज जयपुर स्थित राजभवन (लोक भवन) में आयोजित विश्वविद्यालय के विशेष समारोह में प्रदान किया गया। शिक्षा के माध्यम से समाज के विकास और जनकल्याण में उनके असाधारण योगदान को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय ने उन्हें इस सम्मान से विभूषित किया। विश्वविद्यालय ने उनके कार्यों का गहन अध्ययन करने के बाद इस सम्मान के लिए उनके नाम का चयन किया।
राजस्थान के राज्यपाल एवं महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मान्यवर हरिभाऊ बांगड़े ने डॉ. सामंत को यह सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर राजस्थान के उपमुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री प्रेमचंद भैरवा, विश्वविद्यालय के कुलपति मनोज दीक्षित, कुलसचिव यशपाल अहूजा सहित राजस्थान सरकार के कई मंत्री, विधायक एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
समारोह में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर राहतकर को भी मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया।
राजस्थान के अग्रणी सरकारी विश्वविद्यालयों में गिने जाने वाले महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय से यह सम्मान प्राप्त करने पर डॉ. अच्युत सामंत ने राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागड़े तथा कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ओडिशा से उन्हें आमंत्रित कर सम्मानित करना तथा उनके कार्यों की सराहना करना उनके लिए अत्यंत भावुक और अविस्मरणीय क्षण है। डॉ. सामंत ने बताया कि आगामी 2 अगस्त को उनकी दिवंगत माता नीलिमारानी की 10वीं पुण्यतिथि है। उन्होंने अपने इस 75वें मानद डॉक्टरेट सम्मान को अपनी माता की पावन स्मृति को समर्पित किया।
