दिल्ली यूनिवर्सिटी एडमिशन 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में एडमिशन पाना लाखों छात्रों के लिए एक सपने जैसा होता है। साथ ही, छात्र DU कॉलेजों में एडमिशन पाने के लिए दूर-दराजों से अपने शहर को छोड़कर दिल्ली शिफ्त हो जाने के लिए आते हैं। हाल ही में, काॅमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) की एडमिशन प्रक्रिया को तेज होते देख अब सभी छात्रों को DU की लिस्ट का इंतेजार है।
हाल ही में देखा जाएं, तो सोशल मीडिया से लेकर स्टूडेंट के बीच आजकल ‘क्या 15,000 के मासिक बजट में दिल्ली में रहकर पढ़ाई की जा सकती है?’ का सवाल और इस सवाल पर काफी चर्चा की जा रही है।
Cost of Living in Delhi, इस सवाल के बीच, दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के अलग-अलग कॉलेजों में 17 जुलाई से हॉस्टल एलॉटमेंट की प्रक्रिया ऑफिशियल रूप से शुरू होने वाली है। ऐसे में छात्रों के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी में हॉस्टल मिलने की भारी भागा-दौड़ी लगी रहेगी। इस बीच, दिल्ली यूनिवर्सिटी में यदि छात्रों को हॉस्टल मिल जाता है, तो बिना इधर-उधर भागा-दौड़ी करें आराम से अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे सकते हैं। लेकिन अगर छात्रों को हॉस्टल नहीं मिल पाता, तो उनके लिए 15,000 का बजट संभालना काफी मुश्किल हो सकता हैं।
हॉस्टल के बजट को लेकर टीचर्स का बयान
हॉस्टल के बजट को देखते हुए एक्सपर्ट टीचर्स का कहना है कि यदि किसी छात्र को यूनिवर्सिटी में हॉस्टल नहीं मिलता है, तो वह अपनी योजना को सही प्रकार से प्लेन करनी चाहिए। छात्रों को कॉलेजों में ही हॉस्टल पाने के लिए टाइम के अनुसार ही अपनी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को पूरा करना चाहिए। साथ ही, सभी ऑप्शन को सही-सही रूप में फिल करना चाहिए। ऐसे में छात्रों के लिए हॉस्टल पाना आसान हो जाता है।
हॉस्टल बनाम पीजी (PG) के खर्च का पूरा डाटा
दिल्ली में रहने वाले छात्रों का खर्च पूरी तरह से लोकेशन और सोसाइटी पर निर्भर करता है। यदि किसी छात्र को हॉस्टल नहीं मिल पाता है, तो उन छात्रों के महीने के खर्चों में काफी ज्यादा बढ़ोतरी हो जाती है। साथ ही, प्राइवेट पीजी या प्रइवेट फ्लैट लेने वाले छात्रों के लिए यहां रहना थोड़े टाइम बाद एक तरह की मुश्किल बन जाती है।
दिल्ली में रहने और पढ़ने का महीने का खर्चा (एक्सपेक्टेड)
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खर्च का प्रकार
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DU हॉस्टल के साथ
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प्राइवेट पीजी/फ्लैट के साथ
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रहना
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2,000 - 4,000
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6,000 - 10,000 (शेयरिंग रूम)
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भोजन
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हॉस्टल फीस में शामिल या 3,000
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3,000 - 4,500 (टिफिन या मेड)
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ट्रैवल
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0 (कैंपस के अंदर होने पर) या 500
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1,500 - 2,500 (मेट्रो/ऑटो)
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अन्य खर्च (Books, Internet, Fun)
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2,000 - 3,000
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2,000 - 3,000
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कुल खर्च
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7,000 - 10,000
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3,500 - 20,000+
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यदि छात्रों को DU का हॉस्टल मिल जाता है, तो छात्र 15,000 के बजट में बेहद आराम से रहने के साथ-साथ अपनी पढ़ाई को भी अच्छे ढंग से पूरा कर सकते हैं। साथ ही, हर महीने 4,000-5,000 रुपय तक की सेविंग भी कर सकते हैं। लेकिन, वहीं छात्र प्राइवेट पीजी में रहने के कारण 15,000 का बजट एक 'बॉर्डरलाइन' की तरह बना लेते है, जहां छात्रों की सेविंग तो दूर की बात है। वह अपने नॉर्मल खर्चो को करने से पहले भी कई बार सोचने लगते हैं।
DU हॉस्टल अलॉटमेंट 2026 कब से शुरू?
दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ और साउथ कैंपस के कॉलेजों में हॉस्टल की सीटें सीमित ही होती हैं, इसलिए यूनिवर्सिटी अलॉटमेंट पूरे रूप से CUET स्कोर और मेरिट लिस्ट के आधार पर किया जाता है।
- शेड्यूल और कट-ऑफ: 17 जुलाई से कॉलेज अपनी वेबसाइटों पर हॉस्टल रजिस्ट्रेशन और पहली अलॉटमेंट लिस्ट जारी करना शुरू कर देंगे।
- दूरी का नियम: हॉस्टल अलॉटमेंट में दिल्ली-एनसीआर से बाहर के छात्रों को प्राथमिकता दी जाती है। इसी लिए दिल्ली में ही रहने वाले छात्रों को आमतौर पर हॉस्टल नहीं मिलता।
