अगर हम टीचिंग की बात करें, तो यह प्रोफेशन के मुकाबले काफी अच्छा, स्थायी और सेफ माना जाता है। इसमें काम के घंटे निश्चित होते हैं। गर्मियों और सर्दियों की छुट्टी अलग से मिलती है। इस वजह इन दिन टीचिंग प्रोफेशन की मांग बढ़ती जा रही है और कहा जाता है कि एक टीचर ही आपका सही मार्गदर्शन कर सकता है। टीचिंग की अहमियत को बताने के लिए हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस भी मनाया जाता है, ताकि आप भी अपने टीचर्स को थैक्यू कह सकें और आपके लिए उन्होंने क्या किया। यह सब आपको उनको बता सकें। आप भी अगर टीचिंग में सुनहरा करियर बनाने का विचार कर रहे हैं, तो आपको इन 4 परीक्षाओं का पास करना होगी और नौकरी आपके हाथ में।
CTET परीक्षा
CTET परीक्षा के बारे में जानने से पहले आपको इसकी फुल फॉर्म के बारे में जान लीजिए। सीटीईटी की फुल फॉर्म केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) है। इस एग्जाम को पास करने के बाद आप सरकारी टीचर बन सकते हैं। एक केंद्रीय लेवल की परीक्षा होती है, जो केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा आयोजित की जाती है। इस परीक्षा में 2 पेपर होते हैं। पहला पेपर कक्षा 1 से 5वीं तक और दूसरा पेपर कक्षा 6 से 8वीं तक के लिए होता है। सीटीईटी साल में दो बार में आयोजित की जाती है। इस परीक्षा को पास करने के बाद CTET प्रमाण पत्र जारी किया जाता है, जो लाइफटाइम के लिए वैलिड रहता है। CTET परीक्षा के लिए डाइट और बीएड की डिग्री होनी चाहिए।
TET परीक्षा
TET परीक्षा का पूरा नाम शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) है। इस एग्जाम को पास करने के बाद आप एक सरकारी टीचर बन सकते हैं। यह परीक्षा स्टेट लेवल पर आयोजत की जाती है। इस परीक्षा में 2 पेपर होते हैं। पहला पेपर कक्षा 1 से 5वीं तक और दूसरा पेपर कक्षा 6 से 8वीं तक के लिए होता है। इस परीक्षा को पास करने के बाद CTET प्रमाण पत्र जारी किया जाता है, जो लाइफटाइम के लिए वैलिड रहता है। TET परीक्षा के लिए 12वीं, डीएलएड और बीएड की डिग्री होनी चाहिए।
TGT और PGT परीक्षा
TGT और PGT परीक्षा को पास करने वाले टीचर कक्षा 10वीं से 12वीं तक के छात्र को पढ़ाते हैं। TGT की फुल फॉर्म ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर और PGT की फुल फॉर्म पोस्ट ग्रेजुएट टीचर होता है। ये परीक्षाएं आमतौर पर उत्तर प्रदेश और दिल्ली में आयोजित की जाती है। इसके लिए उम्मीदवार के पास ग्रेजुएशन और बीएड की डिग्री होनी चाहिए।
UGC-NET परीक्षा
अगर कोई उम्मीदवार UGC-NET की परीक्षा को पास करता है, तो वह कॉलेज में पढ़ाने के लिए पात्र हो जाता है, जिसे प्रोफेसर भी कहा जाता है। यह परीक्षा भारत की एक नेशनल लेवल की प्रतिष्ठित परीक्षा है। UGC-NET की परीक्षा के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से संबंधित विषय में पोस्ट-ग्रेजुएशन कम से कम 55 प्रतिशत अंकों के साथ होनी चाहिए।
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