LBSNAA, IAS Training Rules: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा एग्जाम को देश के सबसे मुश्किल एग्जामों में से एक माना जाता है। छात्र अपने सालों के दिन-रात की मेहनत, प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू जैसे सभी स्टेप्स को पास करने के बाद IAS यानी भारतीय प्रशासनिक सेवा जैसी पोस्ट के लिए उनका सेलेक्शन किया जाता है। छात्रों के लिए यूपीएससी को पास करना सिर्फ एक पहली मंजिल होती है। एक अच्छा IAS ऑफिसर बनने के लिए छात्रों को कई प्रकार की ट्रेनिंगो से गुजरना पड़ता है, जो लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी (LBSNAA) में करवाई जाती है।
LBSNAA ट्रेनिंग सेशन क्या है?
LBSNAA, यह उत्तराखंड के मसूरी में स्थित भारत का प्रमुख सिविल सेवा प्रशिक्षण संस्थान है। यहां संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC द्वारा चुने गए IAS, IPS, IFS और अन्य ग्रुप-A अधिकारियों को लाया जाता है। यहां छात्रों के लिए कई प्रकार के ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किए जाते है, जिसमें बनने वाले IAS ऑफिसरों को शारीरिक, मानसिक और प्रशासनिक रूप से मजबूत बनाया जाता है।
कुछ टाइम पहले एक आरटीआई (RTI) के नंबर के अनुसार पिछले कुछ सालों यानी 2020 से 2026 के बीच में कई ट्रेनी IAS इस ट्रेनिंग के दौरान कई टेस्ट के एग्जाम में फेल हुए है। परंतु, सवाल यह है कि “क्या ट्रेनिंग में फेल होने के बाद भी नौकरी रहती है, या छीन ली जाती है?”
IAS प्रोबेशन नियम, 1954 का क्या है?
IAS के रूप में चुना जाने वाला कोई भी छात्र एक अधिकारी के रूप में नहीं चुना जाता है। वह छात्र लबासना (LBSNAA) में दो साल के लिए 'प्रोबेशनर' के रूप में जाना जाता है। इस दौरान वह IAS (Probation) Rules, 1954 के तहत सभी कार्य करता है।
इन नियमों के अनुसार, दो साल की इस ट्रेनिंग के लास्ट में एक फाइनल एग्जाम होता है। इसके अलावा कई अकादमिक मॉड्यूल, फील्ड विजिट और जिला लेवल की ट्रेनिंग करवाई जाती है, जिनका मूल्यांकन किया जाता है।
फेल होने पर क्या तुरंत निकाल दिया जाता है?
LBSNAA ट्रेनिंग के दौरान छात्रों के फेल होने पर उन्हें नौकरी से नहीं निकाला जाता है। लेकिन, प्रक्रिया में सुधार करने के अवसर दिए जाते हैं। जैसे
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री-एग्जाम का मौका: यदि कोई प्रोबेशनर किसी सब्जेक्ट या एग्जाम में कम मार्क्स लाकर फेल हो जाता है, तो उसे सरकार द्वारा आयोजित एक स्पेशल री-एग्जाम में शामिल करवाया जाता है।
इन सब्जेक्ट में करवाए जाते हैं एग्जाम
LBSNAA ट्रेनिंग के दौरान छात्रों को कई सब्जेक्ट में एग्जाम देने होते है। छात्र यहां से जानें कुछ सब्जेक्ट के नाम क्या हैं?
1. कानून (Law)
2. अर्थशास्त्र (Economics)
3. लोक प्रशासन (Public Administration)
4. प्रबंधन और व्यवहार विज्ञान (Management & Behavioral Science)
5. भारतीय संविधान और राजनीति (Indian Constitution & Polity)
6. स्थानीय भाषा (Regional Language)
IAS ट्रेनिंग और असेसमेंट का पूरा शेडुयूल
ट्रेनिंग के दौरान कुल 900 मार्क्स के आधार पर छात्रों का मूल्यांकन किया जाता है। छात्रों के 2 साल IAS ट्रेनिंग और असेसमेंट का पूरा शेडुयूल जानने के लिए छात्र नीचे दी गई टेबल को देखें।
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ट्रेनिंग के स्टेप
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अवधि
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मुख्य फोकस
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फाउंडेशन कोर्स (FC)
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3-4 महीने
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सभी सिविल सेवाओं (IAS, IPS, IFS) के बीच आपसी तालमेल और बुनियादी प्रशासनिक समझ को विकसित करना।
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फेज-1 (Phase-I)
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4-5 महीने
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सभी नीतियां, कानून और गवर्नेंस के सैद्धांतिक पहलू को समझना।
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जिला ट्रेनिंग
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1 साल
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छात्रों के लिए ग्राउंड रियलिटी को समझना, फील्ड पोस्टिंग के दौरान जमीनी लेवल पर प्रशासनिक चुनौतियों का सामना करने को समझना, शामिल होता है।
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फेज-2
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2 महीने
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फील्ड के अनुभवों को आपस में साझा करना और लास्ट अकादमिक मूल्यांकन को डिटेल से समझना।
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किन कारणों से जा सकती है IAS की नौकरी?
IAS प्रोबेशन रूल्स के नियम 11 और 12 के दौरान, केंद्र सरकार के पास किसी भी ट्रेनी अफसर को सेवा से मुक्त यानी Discharge और Terminate करने का पूरा अधिकार होता है। यहां नीचे दिए गए पॉइन्ट्स से जाने सरकार कब यह नियम उठा सकती हैं।
- री-एग्जाम में भी फेल होना: यदि कोई IAS अधिकारी दोबारा री-एग्जाम के मौके मिलने पर फेल हो जाता है, तब सरकार उस छात्र को नौकरी से निकाल सकती हैं।
- कर्तव्यों के प्रति लापरवाही: यदि सरकार को लगता है कि प्रोबेशनर जानबूझकर अपनी पढ़ाई या ट्रेनिंग के कर्तव्यों की पूरा नही कर रहा है, तो सरकार उस अधिकारी के प्रति कढ़ा नियम उठा सकती हैं।
4 साल के नियम के अनुसार एग्जाम करें PASS
IAS अधिकरी बनने के लिए LBSNAA के नियम के अनुसार एग्जाम पास करने वाले छात्रों के लिए कोई भी एग्जाम के लिए अटेम्प्ट संख्या नहीं रखी गई है। छात्रों को केबल सभी एग्जाम को 4 साल के टाइम पीरियड के अंदर ही पूरा करना होगा।
