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SSC के बारे में प्रचलित कुछ अप्रयोगिक मिथक- जरूर पढ़े

Aug 6, 2018 11:41 IST
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ssc preparation myths
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जैसा कि आप सभी जानते हैं, SSC अपनी सभी परीक्षाओं के टीयर-I (स्तर-I) को पूर्व निर्धारित प्रारूप के अनुसार ही आयोजित करता है। अधिकतर उम्मीदवार टियर-I की परीक्षा में अपनी सफलता को लेकर काफी निश्चित रहते हैं, क्योंकि इसका प्रश्न पत्र काफी आसान और सरल होता है। कुछ और भी तथ्य हैं जो इस परीक्षा की तैयारी के संदर्भ में काफी मददगार साबित हो सकते हैं। हम आपको पहले ही SSC परीक्षाओं की तैयारी के लिए आखिरी मिनट के सुझावों की जानकारी दे चुके हैं।

इस आर्टिकल में हमने SSC की तैयारी करने के लिए कुछ मिथक एकत्र किए हैं, जो आपके सामने एक स्पष्ट तस्वीर पेश करते हैं।

SSC परीक्षा से संबंधित मिथक और तथ्य

मिथक 1: SSC की परीक्षा में प्रश्नों को दोहराया जाता है?

तथ्य: यह अधिकतर उम्मीदवारों के बीच में एक आम बात है, लेकिन यह बात पूरी तरह से निराधार और तर्कहीन भी नहीं है। तथ्य यह है कि SSC में न केवल पिछले वर्ष के पेपरों में कुछ सवालों का इस्तेमाल किया जाता है बल्कि इसे उन सभी सेक्शन्स में चाहे वह सामान्य ज्ञान, क्वांट, रीजनिंग और अंग्रेजी ही क्यों ना हो वहां भी प्रयोग किया जाता है। यदि आपको विश्वास नहीं हो रहा है तो आप पिछले वर्ष के पेपरों को देख सकते हैं जिनका वर्णन नीचे दिया जा रहा है।

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SSC के उपरोक्त लिंक में, आपको 2-3 प्रश्न ऐसे मिलेंगे जो बार-बार पूछे गए हैं। इसलिए यह जरूरी है कि पिछले वर्ष के पेपरों को हल करें। आम तौर पर गणित में क्षेत्रमिति, त्रिकोणमिति, ज्यामिति और बीजगणित से संबंधित सवाल पूछे जाते हैं जबकि अंग्रेजी अनुभाग में एक-शब्द प्रतिस्थापन, मुहावरे/वाक्यांश, पर्यायवाची / विलोम और सुधार संबधित सवाल शामिल होते हैं।

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मिथक 2: कुल मिलाकर देखा जाए तो गणित (मैथ्स) एक शॉर्ट-कट और ट्रिक्स का खेल है

तथ्य: यह सर्वविदित है कि गणित का सेक्शन बहुत जटिल और समय लेने वाला होता है, क्योंकि क्वांट सेक्शन के अधिकतर जटिल सवालों को हल करने के लिए काफी अभ्यास करने की आवश्यकता होती है। कई छात्रों का मानना है कि बिना ट्रिक्स और शॉर्टकट का उपयोग किए इस सेक्शन में अच्छे अंक लाना लगभग असंभव है। हमारी राय में इन सवालों की अवधारणा के संदर्भ में शॉर्टकट ट्रिक्स भी बहुत जरूरी हैं।

मिथक 3: करेंट अफेयर्स या ताजा खबरों का SSC की परीक्षा में कोई महत्व नहीं है l

तथ्य: SSC के सिलेबस में इसका स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि अधिकतर सवाल जीके (जनरल नॉलेज) सेक्शन से पूछे जाएंगे ना कि करेंट अफेयर्स से। लेकिन इसमें इतिहास, भूगोल, भारतीय राजनीति, सामान्य विज्ञान और अर्थशास्त्र के साथ-साथ वर्तमान घटनाक्रमों से भी 2-3 सवालों को प्रश्न पत्र में शामिल किया जाता है। इसलिए आप नवीनतम घटनाओं को कवर करने के लिए 2-3 अतिरिक्त अंक दे सकते हैं।

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मिथक 4: जीके (जनरल नॉलेज) सेक्शन बहुत बड़ा है और इसे कवर करना मुश्किल है?

तथ्य: यह मिथक आम तौर पर उन उम्मीदवारों को परेशान कर सकता है जिन्हें जीके के पैर्टन के बारे में कोई जानकारी नहीं है। यदि आप पिछले 4-5 साल के प्रश्न पत्रों को देखेंगे तो आपको देखने को मिलेगा कि कई सवाल ऐसे हैं जो इन परीक्षाओं में लगातार रीपीट हुए हैं।  इनमें, जैसे- भारत के संवैधानिक अनुच्छेद और संशोधन, लोक नृत्य, रसायन, महत्वपूर्ण तिथियां, पुरस्कार और समसामयिक मामले आदि । मूल्यांकन आपके लिए SSC सीजीएल में अच्छे नंबर दिलाने की रणनीति में मददगार साबित हो सकता है।

मिथक 5: यदि समय ज्यादा लग रहा है तो कॉम्प्रिहेंसन (अवधारणा आधारित) सवालों को छोड़ देना चाहिए क्योंकि इनमें अप्रत्याशित नबंर आते हैं?

तथ्य: इस सेक्शन को छोड़ने तथा अन्य प्रश्नों को हल करने के लिए समय की बचत करने की अवधारणा काफी अव्यावहारिक है। सबसे अच्छी रणनीति, जिसे अपनाया जा सकता है वह है कॉम्प्रेहेंसन को तेजी से पढ़ना और उसमें से उसका सारांश निकालना। इस तरह से आप आसानी से 5-10 नंबर ला सकते हैं। यह सब महत्वपूर्ण घटनाओं को याद रखने तथा तथ्यों की समझ को याद करने से संबंधित है।

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मिथक 6: परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करने के लिए ग्रामर (व्याकरण) आवश्यक है?

तथ्य: अंग्रेजी भाषा तथा कॉम्प्रिहेंसन में कुल 50 सवाल होते हैं और इनमें से 5-10 सवाल तो ऐसे होते हैं जो त्रुटियों से संबंधित होते हैं। 5 सवाल वाक्यों को सही करने से संबंधित होते हैं जबकि 35 प्रश्न शब्दकोश अथवा शब्दावली, कॉम्प्रिहेंसन को पढ़ने और मौलिक अंग्रेजी के उपयोग से संबंधित होते हैं।

मिथक 7: आम तौर पर उच्च गणित में नॉलेज (ज्ञान) की सख्त जरूरत होती है?

तथ्य: कुछ उम्मीदवारों को लगता है कि सीजीएल पात्रता के लिए स्नातक स्तर की पढ़ाई जरूरी होती है। इसलिए क्वान्टेटिव सेक्शन को हल करने के लिए उच्चस्तरीय गणित आवश्यक है। लेकिन तथ्य यह है कि SSC द्वारा स्पष्ट रूप से इस बात का उल्लेख किया गया है कि गणित में टेंथ स्टैंडर्ड (10वीं स्तर के) लेवल के और अंग्रेजी में 12th स्टैंडर्ड (बारहंवीं स्तर के) स्तर के प्रश्न पूछे जाएंगे। हालांकि, टीयर -2 की परीक्षा में आपको गणित में थोड़ा मुश्किल सवाल मिल सकते हैं।

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मिथक 8: टीयर-I में 50% से अधिक नंबर क्वालिफाई करने के लिए पर्याप्त हैं?

तथ्य: 2015 तक  जनरल (सामान्य) के लिए कट-अप 103, ओबीसी के लिए 90 तथा एससी/एसटी के लिए 80 से अधिक नहीं गयी थी। लेकिन यह सर्वविदित है कि यदि आप ज्यादा नंबर हासिल करने में सफल रहते हैं तो नौकरी की गारंटी सुनिश्चित हो सकती है।

गुड लक!!

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