“चेतन प्रकाश सिंह” कोशिश करने वालों की दुनिया में एक ऐसा नाम, जिसे 25 बार असफलता का सामना करना पड़ा। जब 6 महीने के थे, तब पिता का साया सिर से उठ गया। अपना खर्चा उठाने के लिए कभी वेटर का काम किया, तो कभी एटीएम में सिक्योरिटी के रूप में काम किया। पर कभी हार नहीं मानी। अपने लक्ष्य से कभी नहीं भटके। गलतियों से सीखते रहें और आगे बढ़ते रहें। सही दिशा में बार-बार प्रयास करते रहें। आखिरकार वह दिन भी आया, जब उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने शिक्षक बनकर सरकारी नौकरी का सपना पूरा किया और दुनिया को बता दिया कि कुछ भी नाममुकिन नहीं। बस मन में जीत की आग होनी चाहिए। आइए चेतन की सफलता की कहानी के बारे में जानें।
राजस्थान में जन्मे हैं चेतन
चेतन प्रकाश सिंह का जन्म राजस्थान में हुआ। वह बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं। जब चेतन छह महीने के थे, तब उनके पिता का देहांत हो गया था। इसके चलते परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ने लगी। घर को चलाने के लिए चेतन के बड़े भाई और उनकी मां ने बीड़ा उठाया। मां और बड़े भाई ने मजदूरी करके चेतन को 12वीं तक पढ़ाया। चेतन की कुल 3 बहनें हैं।
3 साल तक एटीएम में किया काम
12वीं के बाद चेतन ने जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटी से काॅलेज की पढ़ाई पूरी की और कॉलेज की पढ़ाई करने के बाद चेतन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुट गए। अपना खर्च चलाने के लिए पास में एक होटल में वेटर का काम करने लगे। ऐसे में पढ़ाई को मैनेज करना मुश्किल हो रहा था, तो इसके बाद 3 साल तकएटीएम में सिक्योरिटी के रूप में काम किया।
चेतन 25 प्रतियोगा परीक्षाओं में हुए असफल
चेतन प्रकाश सिंह का सरकारी टीचर बनना आसान नहीं रहा। उन्हें PTT, BSTC, पटवारी, ग्राम सेवक, LDC, राजस्थान पुलिस कांस्टेल और RAS समेत 25 परीक्षाएं दीं लेकिन हर बार फेलियर का सामना करना पड़ा। इन असफलताओं के बाद भी चेतन ने तैयारी नहीं छोड़ी और हर बार अपने लक्ष्य के लिए और सही प्लानिंग और स्ट्रैटेजी के साथ आगे बढ़े। आखिरकार वह दिन भी आया, जब उनकी मेहनत रंग लाई।
चेतन जब बने टीचर
चेतन को बिजली विभाग में हेल्पर सेकंड पद पर सरकारी नौकरी मिल गई। पर वह तब भी नहीं रुके। इसलिए वह अपनी तैयारी में जुटे रहे। साल 2023 में उनका चयन लेवल-2 हिंदी टीचर की पोस्ट पर हो गया। आज देश उनके हिम्मत और हौंसले को सलाम कर रहा है।
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