B.Ed Course में 20 हफ्ते की इंटर्नशिप जरूरी, UP में फर्जी सर्टिफिकेट पर लगाई रोक
UP में B.Ed का कोर्स करने वाले छात्रों के लिए अब 20 हफ्तो की इंटर्नशिप करना जरूरी हो गया है। आजकल बनने वाले फर्जी सर्टिफिकेट्स को रोकने के लिए इस कड़े नियम को लागू किया गया है। साथ ही, यह सभी सरकारी और निजी बीएड कॉलेजों के छात्रों के लिए अनिवार्य है। यहां से जानें अपडेट्स।
UP B.Ed Internship New Rule 2026: उत्तर प्रदेश में टीचर बनने का सपना देख रहे छात्रों के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने एक बड़ा और बेहद कड़ा फैसला लिया है। अब राज्य के किसी भी बीएड कॉलेज के छात्र घर बैठे या फर्जी तरीके से इंटर्नशिप का सर्टिफिकेट नहीं बनवा सकेंगे। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इस संबंध में सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) और मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
2 साल के कोर्स में 20 हफ्ते की इंटर्नशिप जरूरी
शिक्षा निदेशक माध्यमिक प्रताप सिंह बघेल द्वारा जारी आदेश में साफ कर दिया है कि अब दो साल B.Ed कोर्स में पढ़ाई करने वाले सभी छात्रों के लिए 20 सप्ताह की जरूरी इंटर्नशिप पूरी करनी होगी। इसके लिए बकायदा सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों का अलॉट किया जाएगा, जिससे टीचर व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहेगी और भावी टीचर्स को शुरू से अच्छे लेवल की ट्रेनिंग मिल सकेगी।
20 हफ्ते की ट्रेनिंग की जानकारी
NCTE के नए नियमों के अनुसार छात्रों के लिए इस दो साल के कोर्स में कुल 20 हफ्ते यानी लगभग 5 महीने की इंटर्नशिप लेनी जरूरी हो गई है। इस इंटर्नशिप की पूरी ट्रेनिंग को दो भागों में बांटा गया है। पहले साल में छात्रों के लिए 4 हफ्ते की इंटर्नशिप करनी होगी। साथ ही, दूसरे साल में छात्रों को 16 हफ्ते की इंटर्नशिप को करना होगा। यह इंटर्नशिप लेने के बाद हर छात्रों को इसका पूरा रिकॉर्ड अपने कॉलेजों में देना होगा। साथ ही, NCTE के नियमों ये भी कहा गया है कि छात्रों को नियमित टीचर की क्लास ऑब्जर्व करने के साथ-साथ फीडबैक लेने का मौका भी मिलना चाहिए।
नए नियम के तहत इंटर्नशिप का पूरा शेड्यूल
इस इंटर्नशिप का हिस्सा बनने वाले छात्रों को परेशान होने की जरूरत नहीं है; इस 20 हफ्ते की ट्रेनिंग को दो भागों में अच्छी पढ़ाई और प्रैक्टिकल ज्ञान बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। नीचे दी गई टेबल से जानें सभी डिटेल्स।
| शैक्षणिक साल | इंटर्नशिप की अवधि | स्कूल का प्रकार |
| पहला साल | 04 सप्ताह (1 महीना) | राजकीय/एडेड माध्यमिक विद्यालय |
| दूसरा साल | 16 सप्ताह (4 महीने) | राजकीय/एडेड माध्यमिक विद्यालय |
| कुल अवधि | 20 सप्ताह (5 महीने) | अनिवार्य प्रैक्टिकल रिकॉर्ड के साथ |
DIOS अलॉट करेंगे स्कूल, घर बैठे सर्टिफिकेट होंगे कम
DIOS के नए नियम को सख्ती से लागू करने के लिए सरकार ने पूरी प्लानिंग कर रखी है:
- राजकीय स्कूलों को प्राथमिकता: उच्च शिक्षा निदेशालय के आदेशानुसार, सभी बीएड छात्रों की लिस्ट संबंधित जिले के जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को भेजी जाएगी। DIOS ही छात्रों को पारदर्शिता के साथ स्कूल अलॉट करेंगे।
- टीचरो की कमी होगी दूर: ऐसे राजकीय या एडडिड स्कूल जहां टीचर्स की कमी है, वहां इन बीएड प्रशिक्षुओं को उनके सब्जेक्ट के आधार पर तैनात किया जाएगा। इससे स्कूली बच्चों की पढ़ाई में भी दिक्कत नहीं होगी और बीएड छात्रों का प्रैक्टिकल भी शानदार होगा।
छात्रों के लिए कैसे फायदेमंद है यह नया नियम?
- रियल-टाइम क्लासरूम एक्सपीरियंस: पुराने 1-साल या ढीले-ढाले बीएड सिस्टम में छात्रों को पढ़ाने का अनुभव नहीं मिल पाता था। इस 20 हफ्ते की कड़ी ट्रेनिंग से आपके अंदर का स्टेज-फियर खत्म करने की कोशिश और आप सीधे तौर पर बच्चों को हैंडल करना सीख जाएंगे।
- CTET और UPTET में मिलेगी मदद: जब आप 5 महीने लगातार स्कूल में पढ़ाएंगे, तो चाइल्ड पेडागोजी और क्लासरूम मैनेजमेंट से जुड़े सवाल आपके लिए चुटकियों का खेल बन जाएंगे। यह प्रैक्टिकल नॉलेज आपको सरकारी टीचर भर्ती एग्जाम में सीधे मदद करेगी।
- फर्जी कॉलेजों पर नकेल: इस नियम के आने से उन प्राइवेट कॉलेजों पर ताला लगेगा जो छात्रों से मोटी रकम लेकर फर्जी अटेंडेंस और फर्जी इंटर्नशिप लेटर थमा देते थे। अब केवल योग्य और मेहनती छात्र ही आगे बढ़ पाएंगे।
Akshara Verma is a digital journalist. She writes in Hindi and is a subject matter expert in Education, Government Jobs, Current Affairs, General Knowledge, News, delivering accurate and authoritative content for a wide readership of Jagran Josh.
A graduate of Bharati Vidyapeeth's Institute of Computer Applications and Management (BVICAM) with a Bachelor of Journalism and Mass Communication, Akshara brings a strong academic and professional foundation to her work. She has previously held content writing and Public Relations roles at Genesis BCW and Dainik Bhaskar, experiences that have sharpened her ability to craft impactful, audience-first content across diverse formats. She can be reached at akshara.verma@jagrannewmedia.com.