"सपने वो नहीं जो हम सोते हुए देखते हैं, सपने वो हैं जो हमें सोने नहीं देते।" मानसी और प्रियांशु दीक्षित की यह सफलता साबित करती है कि अगर इरादे बुलंद हों और मेहनत में सच्चाई हो, तो हर नामुमकिन सपना भी हकीकत बन जाता है और पिता के अधूरे सपने को भी पूरा किया जा सकता है। मानसी और प्रियांशु दीक्षित के पिता विजेंद्र बहादुर दीक्षित कहते हैं कि जब मैं स्टूडेंट था, तब मैं भी NCC का स्टूडेंट था। मैं भी सेना में शामिल होना चाहता था। उन्होंने बताया कि सिलेक्शन भी हो गया था, लेकिन मेडिकल कारणों से अनफिट हो गए। उन्होंने कहा, 'भले ही मैं अपना सपना पूरा नहीं कर सका, लेकिन मुझे गर्व है कि मेरे बच्चे सेना में शामिल हुए।'
अब ये भाई-बहन की जोड़ी न केवल परिवार के लिए बल्कि देश के लिए एक मिसाल बनकर उभरी है, जिसने यह साबित कर दिया कि मन में अगर जीत का हौंसला हो, तो अपने सपने के साथ-साथ पिता के सपने को पूरा किया जा सकता है। आइए मानसी दीक्षित और प्रियांशु दीक्षित की सफलता की कहानी के बारे में जानें।
आखिर कौन है मानसी और प्रियांशु दीक्षित?
जैसा कि हम आपको ऊपर बता चुके हैं कि मानसी और प्रियांशु दोनों सगे भाई-बहन है। दोनों बहन-भाई उत्तर प्रदेश के एटा जिले के नगला गांव के रहने वाले हैं। ये बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं। पिता का नाम विजेंद्र बहादुर दीक्षित है और मां हाउस वाइफ है। पिता ने हमेशा अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए मोटिवेट किया। कभी उन पर पढ़ाई थोपने का काम नहीं किया।
एविएशन और सिख रेजीमेंट में हुई पोस्टिंग
आज इसी की बदौलत 8 मार्च 2026 को ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (OTA) की पासिंग आउट परेड में दोनों भाई-बहन ने एक साथ कदमताल करते हुए भारतीय सेना में अफसर के रूप में कमीशन प्राप्त किया। मानसी को 'आर्मी एविएशन रेजिमेंट' और प्रियांशु को 'सिख रेजिमेंट (इन्फेंट्री)' में लेफ्टिनेंट पद पर नियुक्ति मिली।
मानसी और प्रियांशु दीक्षित की शिक्षा
अगर हम मानसी और प्रियांशु दीक्षित की शिक्षा की बात करें, तो बड़ी बहन मानसी ने दिल्ली विश्वविद्यालय से LLB की डिग्री हासिल की है। वहीं उनके छोटे भाई प्रिंयाशु ने मैथ्स में बीएससी की डिग्री हासिल की है। एक इंटरव्यू में मानसी बताती है कि मेरे भाई ने ही मुझे आर्म्ड फोर्सेज में जाने के लिए मोटिवेट किया और सर्विसेज सिलेक्शन बोर्ड की तैयारी करने के लिए कहा।
