Ayodhya Deepotsav: अयोध्या में कब होगा दीपोत्सव का आयोजन, देखें तारीख, पूरा शेड्यूल और खास आकर्षण

Ayodhya Deepotsav 2026: दिवाली से पहले अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन किया जाने वाला है, जिसकी तैयारियां जोरों पर है। दीपोत्सव के दौरान तीन दिनों 5 से 7 नवंबर तक रामनगरी में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।  

Nov 4, 2026, 16:58 IST
कब होगा दीपोत्सव 2026 का आयोजन
कब होगा दीपोत्सव 2026 का आयोजन

दिवाली का त्योहार देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में इसका नजारा कुछ अलग ही होता है। मान्यता है कि भगवान राम 14 वर्ष का वनवास पूरा करने के बाद जब माता सीता और लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे, तब नगरवासियों ने उनके स्वागत में दीप जलाए थे। इसी के चलते अयोध्या में दिवाली का विशेष महत्व है। हर साल यहां भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया जाता है, इस बार भी इस तरह का आयोजन किया जाएगा। 

जनवरी 2024 में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में दिवाली का उत्साह और बढ़ गया है। राम जन्मभूमि मंदिर से लेकर सरयू नदी के घाटों तक त्योहार की अलग ही रौनक देखने को मिलती है। ऐसे में चलिए देखते हैं कि साल 2026 में अयोध्या में दीपोत्सव के दौरान क्या-क्या खास देखने को मिलेगा।

कब होगा दीपोत्सव 2026 का आयोजन 

दिवाली से पहले अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन होगा। साल 2026 में इसका 10वां संस्करण आयोजित किया जाएगा। प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक, दीपोत्सव 5 नवंबर से 7 नवंबर तक चलेगा।

Related Stories

अयोध्या दीपोत्सव 2026 का पूरा शेड्यूल

दीपोत्सव के दौरान तीन दिनों तक रामनगरी में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रहने की उम्मीद है। इसका पूरा कार्यक्रम इस प्रकार है:

दीपोत्सव की शुरुआत- 5 नवंबर

मुख्य दीपोत्सव कार्यक्रम- 5-7 नवंबर

छोटी दिवाली- 7 नवंबर

अयोध्या में दिवाली 2026 कब है?

साल 2026 में दिवाली का त्योहार रविवार, 8 नवंबर को मनाया जाएगा। यह पर्व कार्तिक महीने की अमावस्या तिथि को पड़ता है। इस दिन घरों और मंदिरों में दीप जलाने के साथ भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है।

दीपोत्सव में दिखेंगे ये खास नजारे

दीपोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण सरयू नदी के घाट होते हैं। यहां हजारों मिट्टी के दीये जलाए जाते हैं, जिससे पूरा घाट रोशनी से जगमगा उठता है। भगवान राम के जीवन और रामायण से जुड़े प्रसंगों को दर्शाती आकर्षक झांकियां निकाली जाती हैं। इनमें रामायण के कई पात्रों की झलक देखने को मिलती है।

दीपोत्सव के दौरान सरयू नदी के तट पर भव्य महाआरती होती है। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।

लेजर शो और सांस्कृतिक कार्यक्रम

रामायण की कहानियों को लेजर और प्रोजेक्शन शो के जरिए दिखाया जाता है। इसके अलावा रामलीला, पारंपरिक संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियां भी होती हैं। इस तरह अयोध्या का दीपोत्सव सिर्फ रोशनी का उत्सव नहीं, बल्कि परंपरा और आस्था का प्रतीक है।

हालांकि, कार्यक्रमों की अंतिम तारीख और समय में बदलाव संभव है। अयोध्या जाने वाले श्रद्धालुओं को प्रशासन की आधिकारिक जानकारी जरूर देखनी चाहिए।

Ayushman Card: फ्री इलाज की सुविधा से मना करें अस्पताल तो ऐसे करें शिकायत, यह है आसान तरीका

Bagesh Yadav

Senior Executive - Editorial

आप जागरण जोश पर भारत, विश्व समाचार, खेल के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समसामयिक सामान्य ज्ञान, सूची, जीके हिंदी और क्विज प्राप्त कर सकते है. आप यहां से कर्रेंट अफेयर्स ऐप डाउनलोड करें.