दीपावली पर माता लक्ष्मी से पहले क्यों की जाती है हनुमान जी की पूजा? जानें महत्व

दिवाली पर हनुमान जी की पूजा क्यों की जाती है? जानें भगवान श्रीराम के परम भक्त संकटमोचन हनुमान जी से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं, पूजा विधि, मंत्र और आध्यात्मिक महत्व के बारे में यहां से जानें।

Nov 8, 2026, 13:51 IST
Hanuman Ji Puja on Diwali
Hanuman Ji Puja on Diwali

Hanuman Chalisa: दिवाली का त्योहार आते ही घरों में दीपों की रोशनी, मिठाइयों की खुशबू और पूजा-पाठ की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश जी की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ धार्मिक परंपराओं में दिवाली के मौके पर हनुमान जी की भी पूजा भी पूजा की जाती है। 

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी शुरू से ही भगवान श्रीराम के परम भक्त हैं। उन्होंने श्रीराम के जीवन में कई महत्वपूर्ण कार्य किए और माता सीता की खोज से लेकर लंका विजय तक अपनी काफी अहम भूमिका निभाई है। दिवाली का संबंध भगवान श्रीराम के 14 साल के वनवास के बाद अयोध्या लौटने से भी है। इसी कारण इस त्योगार पर श्रीराम और हनुमान जी के प्रेम और स्मरण भक्तिभाव से किया जाता है।

भगवान श्रीराम, मां लक्ष्मी और भगवान गणेश जी के साथ हनुमान जी की पूजा 

दिवाली के दिन हनुमान जी की पूजा करने के पीछे कई धार्मिक मान्यताएं शामिल हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि हर क्षेत्र और परिवार में पूजा की परंपरा एक जैसी नहीं होती है। कई लोग दिवाली वाले दिन हनुमान जी की विशेष पूजा करते है, तो वहीं कई लोग मुख्य रूप से भगवान श्रीराम, मां लक्ष्मी और भगवान गणेश जी की पूजा होती है।

1. भगवान श्रीराम के परम भक्त हैं हनुमान जी

हनुमान जी को भगवान श्रीराम का सबसे बड़ा भक्त माना जाता है। रामायण के अनुसार, हनुमान जी ने श्रीराम की सेवा में अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था। उन्होंने माता सीता की खोज करके लंका में श्रीराम का संदेश पहुंचाया साथ ही, रावण के विरुद्ध युद्ध में श्रीराम की सहायता करके जीत हासिल की। 

दिवाली भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने की खुशी में मनाई जाती है। ऐसे में श्रीराम के साथ उनके परम भक्त हनुमान जी का स्मरण करना भी भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है।

2. संकटों से रक्षा करने वाले देवता के रूप में पूजा

हनुमान जी को शुरू से ही संकटमोचन के नाम से पूकारा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धा और भक्ति के साथ उनका स्मरण करने से व्यक्ति को साहस, आत्मविश्वास और मानसिक शक्ति मिलती है।

दिवाली के मौके पर लोग अपने घर और परिवार की सुख-शांति की कामना करते हैं। इसी भावना से कई भक्त हनुमान जी की पूजा करते हैं। साथ ही, उनसे जीवन के संकटों को दूर करने की प्रार्थना करते हैं।

3. श्रीराम की अयोध्या वापसी से जुड़ी मान्यता

रामायण की कथा के अनुसार, भगवान श्रीराम 14 साल का वनवास पूरा करके अयोध्या लौटे थे। उनके आने की खुशी में अयोध्यावासियों ने दीप जलाकर उत्सव मनाया था। यही घटना दिवाली के प्रमुख धार्मिक आधारों में से एक मानी जाती है।

हनुमान जी ने श्रीराम के वनवास और लंका विजय से जुड़ी घटनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसलिए दिवाली के दौरान श्रीराम के साथ हनुमान जी का स्मरण करना उनकी भक्ति और सेवा के प्रति सम्मान का प्रतीक माना जाता है।

4. बल, बुद्धि और साहस की प्राप्ति की कामना

हनुमान जी को बल, बुद्धि, विद्या और साहस का प्रतीक माना जाता है। भक्त उनसे कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने और सही निर्णय लेने की प्रेरणा लेते हैं।

दिवाली के अवसर पर हनुमान जी की पूजा करने वाले श्रद्धालु जीवन में सकारात्मकता, आत्मबल और सफलता की कामना करते हैं।

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दिवाली पर हनुमान जी की पूजा का धार्मिक महत्व

हनुमान जी की पूजा केवल संकटों से मुक्ति की कामना तक सीमित नहीं है। उनकी भक्ति से जुड़े आदर्श व्यक्ति को जीवन में अनुशासन, सेवा, निष्ठा और विनम्रता की सीख भी देते हैं।

धार्मिक मान्यता
हनुमान जी से जुड़ा संदेश
संकटमोचन
कठिन समय में साहस और धैर्य बनाए रखना
बल और बुद्धि के दाता
शारीरिक शक्ति के साथ विवेक का महत्व
श्रीराम के परम भक्त
निष्ठा, सेवा और समर्पण
चिरंजीवी माने जाते 
धर्म और भक्ति के प्रति अटूट विश्वास
भय दूर करने वाले
आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच
विद्या के प्रतीक
ज्ञान प्राप्त करने और सीखते रहने की प्रेरणा

दिवाली पर हनुमान जी की पूजा कैसे करें?

यदि आपके परिवार में दिवाली के दिन हनुमान जी की पूजा करने की परंपरा है, तो श्रद्धापूर्वक सरल तरीके से पूजा की जा सकती है। पूजा की विधि क्षेत्र, परिवार और परंपरा के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

हनुमान जी की सरल पूजा विधि

1. पूजा स्थल की सफाई करें:
दिवाली के दिन घर और पूजा स्थल को साफ रखें। हनुमान जी की प्रतिमा या तस्वीर को स्वच्छ स्थान पर स्थापित करें।

2. स्नान कर स्वच्छ कपड़े पहनें:
पूजा से पहले नहाने के बाद सभी लोगों को साफ कपड़े पहनने चाहिए। इसके बाद शांत मन से पूजा की तैयारी करें।

3. दीपक जलाएं:
हनुमान जी के सामने दीपक जलाएं। दीपक जलाने का समय और सामग्री अपने परिवार की परंपरा के अनुसार रखें।

4. पुष्प और प्रसाद अर्पित करें:
हनुमान जी को फूल और प्रसाद अर्पित करें। कई परंपराओं में बूंदी, लड्डू या अन्य प्रसाद चढ़ाया जाता है।

5. मंत्र या हनुमान चालीसा का पाठ करें:
श्रद्धा के साथ हनुमान चालीसा पढ़ सकते हैं। यदि समय कम हो, तो हनुमान जी के नाम का स्मरण भी किया जा सकता है।

6. परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें:
पूजा के अंत में परिवार की खुशहाली, स्वास्थ्य, साहस और सकारात्मकता के लिए प्रार्थना करें।

हनुमान जी की पूजा करने से क्या लाभ माने जाते हैं?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी की पूजा करने से भक्तों को कई आध्यात्मिक और मानसिक लाभ प्राप्त होने की कामना रहती है।

  • साहस और आत्मविश्वास: हनुमान जी को शक्ति और पराक्रम का प्रतीक माना जाता है।
  • मानसिक शांति: पूजा-पाठ और मंत्र जाप से कई लोगों को मन को शांत करने में मदद मिलती है।
  • संकटों में धैर्य: हनुमान जी की कथा कठिन परिस्थितियों में हिम्मत बनाए रखने की प्रेरणा देती है।
  • सकारात्मक सोच: उनकी भक्ति व्यक्ति को आशा और विश्वास से जुड़े रहने का संदेश देती है।
  • सेवा और विनम्रता: हनुमान जी का जीवन निष्ठा, सेवा और अहंकार से दूर रहने की सीख देता है।

क्या दिवाली पर सबसे पहले हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए?

यह सवाल कई लोगों के मन में आता है। तो हम आपको बता दें कि इसका आंसर परिवार और क्षेत्र की धार्मिक परंपरा पर निर्भर करता है। कुछ श्रद्धालु दिवाली के अवसर पर हनुमान जी का स्मरण करते हैं, जबकि कई परिवारों में लक्ष्मी-गणेश पूजन मुख्य होता है।

इसलिए दिवाली पर सबसे पहले हनुमान जी की पूजा करना सभी हिंदू परिवारों के लिए एक समान अनिवार्य नियम नहीं है। श्रद्धालु अपनी परंपरा, मान्यता और पूजा-विधि के अनुसार भगवान का स्मरण कर सकते हैं।

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Akshara Verma

Executive - Editorial

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