PM Surya Ghar Yojana: देश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। इसके तहत हर छह दिन में करीब एक लाख घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि यह योजना अब सरकारी पहल से आगे बढ़कर जन आंदोलन बन चुकी है।
हर 6 दिन में एक लाख घरों तक पहुंच रही योजना
भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026 के तीसरे दिन आयोजित Fireside Chat में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने योजना के प्रभाव और देश की सौर ऊर्जा क्षमता पर बात की। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना का सबसे बड़ा फायदा आम परिवारों को मिल रहा है।
योजना के जरिए लोग अपनी छतों पर सोलर पैनल लगवाकर बिजली की जरूरत पूरी कर रहे हैं। इससे उनका महीने का खर्च कम हो रहा है। वहीं, अतिरिक्त बिजली पैदा होने पर उसे ग्रिड में भेजकर कमाई का मौका भी मिल रहा है। मंत्री के मुताबिक, इससे लोगों के साथ राज्यों और पूरे देश को फायदा पहुंच रहा है।
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3 GW से 172 GW तक पहुंची सोलर क्षमता
प्रह्लाद जोशी ने बताया कि भारत ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों के दौरान बड़ी प्रगति की है। साल 2014 में देश की स्थापित सोलर क्षमता केवल 3 GW थी, जो अब बढ़कर 172 GW हो गई है।
उन्होंने कहा कि रूफटॉप सोलर सिस्टम से न केवल बिजली की बचत हो रही है, बल्कि कार्बन उत्सर्जन घटाने में भी मदद मिल रही है। खासकर पीक आवर्स के दौरान यह व्यवस्था देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत कर रही है।
ग्रीन हाइड्रोजन मिशन पर भी हुई चर्चा
समिट के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए अलग-अलग देशों और संस्थानों के बीच सहयोग जरूरी है। साथ ही विदेशी मेहमानों के साथ हाइड्रोजन, Offshore Wind और निवेश से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
इसके अलावा चौथे 'International Conference on Green Hydrogen' में नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन की प्रगति की समीक्षा की गई। इसका लक्ष्य 2030 तक हर साल 50 लाख टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता तैयार करना है।
सोलर मैन्युफैक्चरिंग में भी बढ़ रही भारत की ताकत
मंत्रालय के मुताबिक, भारत की सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता 200 GW के पार पहुंच गई है, जबकि सोलर सेल उत्पादन क्षमता करीब 45 GW है। समिट में बैटरी स्टोरेज, विंड एनर्जी और बिजली ग्रिड को आधुनिक बनाने पर भी चर्चा हुई।
इस दौरान RTSE Vendor Buddy टूल लॉन्च किया गया। इसकी मदद से रूफटॉप सोलर वेंडर छत का लेआउट देखकर 3D सोलर सिस्टम डिजाइन कर सकेंगे।
कुल मिलाकर, भारत का फोकस अब केवल सौर ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए जरूरी मैन्युफैक्चरिंग, स्टोरेज और ट्रांसमिशन व्यवस्था को भी मजबूत करने पर है।
