UPTET 2026 Result Update: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 के रिजल्ट को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने परीक्षा के परिणाम में बदलाव करने का आदेश दिया है। कोर्ट के निर्देश के अनुसार, मास्टर सेट के दो विवादित प्रश्नों को मूल्यांकन से बाहर किया जाएगा। इसके बाद उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को 148 प्रश्नों के आधार पर नया रिजल्ट तैयार करना होगा।
हाईकोर्ट के इस फैसले से उन उम्मीदवारों को फायदा मिल सकता है, जो कुछ नंबरों से परीक्षा में फेल हो गए थे। अब आयोग दोबारा नंबरों की जांच करेगा और नया रिजल्ट व स्कोरकार्ड जारी करेगा।
UPTET 2026 Result: क्या है पूरा मामला?
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से 3 जुलाई 2026 को प्राथमिक स्तर की यूपीटीईटी परीक्षा आयोजित की गई थी। इसके बाद आयोग ने 26 अगस्त 2026 को परीक्षा का परिणाम घोषित किया था।
रिजल्ट जारी होने के बाद मास्टर सेट के प्रश्न संख्या 36 और 37 को लेकर विवाद सामने आया। दरअसल, आयोग ने फाइनल आंसर की में इन दोनों प्रश्नों के दो-दो विकल्पों को सही माना था। लेकिन मूल्यांकन के दौरान केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को अंक दिए गए, जिन्होंने निर्धारित दो विकल्पों में से किसी एक को चुना था।
इस व्यवस्था से कई उम्मीदवारों को नुकसान हुआ। कुछ अभ्यर्थी निर्धारित पासिंग मार्क्स से एक या दो अंक कम होने के कारण परीक्षा में असफल हो गए। इसके बाद विजय सोनकर और अन्य अभ्यर्थियों ने इस मामले को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
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हाईकोर्ट ने क्यों दिया रिजल्ट दोबारा जारी करने का आदेश?
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की पीठ ने की। अदालत ने माना कि जब किसी ऑब्जेक्टिव प्रश्न के दो विकल्पों को सही माना जाता है, तो उस प्रश्न के आधार पर सभी उम्मीदवारों का निष्पक्ष मूल्यांकन करना मुश्किल हो जाता है।
कोर्ट के अनुसार, ऐसे प्रश्न योग्य और अयोग्य अभ्यर्थियों के बीच सही अंतर नहीं कर पाते। इसलिए इन दोनों विवादित सवालों को मूल्यांकन प्रक्रिया से पूरी तरह हटाना उचित है।
अदालत ने यह भी ध्यान दिया कि आयोग पहले ही मास्टर सेट के प्रश्न संख्या 38 को गलत मानकर मूल्यांकन से हटा चुका था। ऐसे में प्रश्न संख्या 36 और 37 को लेकर अलग नियम अपनाने का कोई उचित आधार नहीं था।
अब 148 प्रश्नों के आधार पर बनेगा UPTET 2026 Revised Result
हाईकोर्ट ने आयोग को निर्देश दिया है कि मास्टर सेट के प्रश्न संख्या 36 और 37 को मूल्यांकन से बाहर रखा जाए। अब कुल 150 के बजाय 148 प्रश्नों के आधार पर अभ्यर्थियों के अंकों की गणना की जाएगी। आयोग को निम्नलिखित प्रक्रिया पूरी करनी होगी:
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प्रश्न संख्या 36 और 37 को मूल्यांकन से हटाना होगा।
सभी प्रभावित अभ्यर्थियों के अंकों की दोबारा गणना करनी होगी।
निर्धारित प्रतिशत के अनुसार नए पासिंग मार्क्स तय करने होंगे।
संशोधित परिणाम और नया स्कोरकार्ड जारी करना होगा।
इस फैसले का लाभ केवल याचिकाकर्ताओं को ही नहीं, बल्कि समान स्थिति वाले सभी प्रभावित अभ्यर्थियों को दिया जाएगा।
क्या संशोधित रिजल्ट से मिलेगी शिक्षक भर्ती में नौकरी?
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि संशोधित परिणाम के आधार पर यूपीटीईटी 2026 पास करने वाले उम्मीदवारों को केवल शिक्षक पात्रता का लाभ मिलेगा।इसका मतलब है कि यूपीटीईटी में सफल होने से किसी भी आगामी शिक्षक भर्ती में सीधे नौकरी या नियुक्ति का अधिकार नहीं मिलेगा। उम्मीदवारों को संबंधित भर्ती की निर्धारित प्रक्रिया और अन्य योग्यताओं को पूरा करना होगा।
