8वें वेतन आयोग की नई सैलरी का इंतजार कर रहे केंद्रीय कर्मचारियों के लिए देरी सिर्फ इंतजार बढ़ाने वाली खबर नहीं है। यदि वेतन संशोधन किसी पिछली तारीख से लागू किया जाता है और बढ़ी हुई सैलरी बाद में मिलती है, तो बीच के समय का पैसा एरियर के तौर पर मिल सकता है। यही कारण है कि रिपोर्ट में जितनी देरी होगी, संभावित एरियर की राशि भी उतनी बढ़ सकती है।
हालांकि, अभी एरियर की कोई अंतिम राशि तय नहीं हुई है। यह कर्मचारी के पे लेवल, मौजूदा बेसिक पे, फिटमेंट फैक्टर और वेतन संशोधन लागू होने की डेट पर निर्भर करेगी।
कब तक आ सकती है फाइनल रिपोर्ट?
केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग का गठन कर दिया है और नवंबर 2025 में इसके टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) भी तय किए गए थे। आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इस हिसाब से मौजूदा समयसीमा करीब मई 2027 तक बनती है। कुछ अनुमानों में रिपोर्ट मार्च 2027 से अगस्त 2027 के बीच आने की संभावना जताई जा रही है।
आखिर एरियर कैसे बनता है?
इसे आसान उदाहरण से समझिए। मान लीजिए किसी कर्मचारी की नई बेसिक पे किसी पिछली तारीख से लागू मानी जाती है, लेकिन सरकार उसे बढ़ी हुई सैलरी कुछ महीनों बाद देना शुरू करती है। ऐसे में जिस अवधि का संशोधित वेतन कर्मचारी को नहीं मिला, उसका अंतर एरियर के रूप में दिया जा सकता है। यानी देरी के महीने बढ़ेंगे तो संभावित एरियर भी बढ़ सकता है।
लेवल 6 कर्मचारी को कितना एरियर?
यदि लेवल 6 कर्मचारी की मौजूदा बेसिक पे 35400 रुपये मानी जाए और उदाहरण के तौर पर 2.15 फिटमेंट फैक्टर लगाया जाए, तो नई बेसिक पे करीब 76110 रुपये हो सकती है।
इस हिसाब से बेसिक पे में संभावित अंतर 40710 रुपये बैठता है। यदि 20 महीने की देरी मानें, तो केवल इस अंतर के आधार पर अनुमानित पैसा करीब 8.14 लाख रुपये बनती है।
लेवल 7 में 10 लाख से ज्यादा का अनुमान
लेवल 7 में मौजूदा बेसिक पे 44900 रुपये मानी गई है। 2.15 फिटमेंट फैक्टर के उदाहरण में नई बेसिक पे करीब 96,535 रुपये हो सकती है। यानी 20 महीने की देरी के हिसाब से इसका अनुमानित एरियर करीब 10.33 लाख रुपये बैठता है।
लेवल 8 के लिए 17.94 लाख रुपये का अनुमान
लेवल 8 कर्मचारियों के लिए भी एरियर की राशि फिटमेंट फैक्टर और देरी की अवधि पर निर्भर करेगी। एक उदाहरण में 2.57 फिटमेंट फैक्टर और 24 महीने की देरी मानने पर संभावित एरियर करीब 17.94 लाख रुपये तक बताया गया है।
लेकिन इसे सरकार द्वारा घोषित पैसा समझना सही नहीं होगा। यह सिर्फ अनुमान के आधार पर बताया गया है।
असली एरियर इससे अलग हो सकता है
यहां सबसे जरूरी बात यह है कि ऊपर दिए गए आंकड़े मुख्य रूप से बेसिक पे के अंतर पर आधारित हैं। कर्मचारी के खाते में आने वाला वास्तविक एरियर इससे अलग हो सकता है।
कारण है कि सैलरी में सिर्फ बेसिक पे ही नहीं होती। HRA समेत दूसरे भत्तों में बदलाव होने पर कुल बकाया राशि भी बदल सकती है। इसके अलावा सरकार किस तारीख से वेतन संशोधन को प्रभावी करती है और अंतिम फिटमेंट फैक्टर कितना तय होता है, इसका भी सीधा असर पड़ेगा।
फिटमेंट फैक्टर पर टिकी है पूरी गणना
8वें वेतन आयोग के मामले में फिटमेंट फैक्टर सबसे अहम चीजों में से एक होगा। फैक्टर जितना अलग होगा, संशोधित बेसिक पे और संभावित एरियर की गणना भी उतनी ही बदल जाएगी।
