यदि परिवार में किसी की अचानक तबीयत बिगड़ जाए और अस्पताल पहुंचने पर इलाज से इनकार कर दिया जाए, तो मरीज और उसके परिजनों की परेशानी बढ़ जाती है। खासकर तब, जब मरीज के पास आयुष्मान कार्ड हो और उसे उम्मीद हो कि योजना के तहत मुफ्त इलाज मिल जाएगा। बता दें कि केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) का उद्देश्य ही आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके तहत पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाती है।
लेकिन कई बार शिकायतें मिलती हैं कि योजना में शामिल होने के बावजूद कुछ अस्पताल मरीजों को भर्ती करने या इलाज देने से मना कर देते हैं। सरकार ने ऐसी समस्याओं के लिए शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था की है। आप घर बैठे ऑनलाइन, फोन या मोबाइल ऐप के जरिए अपनी शिकायत कर सकते हैं।
आयुष्मान कार्ड से जुड़ी शिकायत ऐसे करें दर्ज
यदि आयुष्मान योजना में लिस्टेड किसी अस्पताल ने आपका इलाज करने से इनकार किया है, तो आप PMJAY Grievance Portal की मदद ले सकते हैं। इसके लिए आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं है।
-सबसे पहले PMJAY Grievance Portal पर जाएं।
-होमपेज पर ‘Register Your Grievance’ का विकल्प चुनें।
-इसके बाद मांगी गई जरूरी डिटेल्स भरें।
-अस्पताल का नाम और इलाज से जुड़ी समस्या विस्तार से बताएं।
-सभी डिटेल्स देखने के बाद शिकायत सबमिट कर दें।
शिकायत मिलने के बाद संबंधित विभाग मामले की जांच करता है। यदि जांच में अस्पताल की गलती सामने आती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
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फोन और UMANG ऐप से भी मिलेगी मदद
हर व्यक्ति के लिए ऑनलाइन पोर्टल इस्तेमाल करना आसान नहीं होता। ऐसे में सरकार ने शिकायत दर्ज कराने के दूसरे विकल्प भी उपलब्ध कराए हैं।
हेल्पलाइन नंबर 14555: आयुष्मान भारत योजना से जुड़ी जानकारी या शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर 14555 पर कॉल कर सकते हैं। यहां अपनी समस्या बताकर शिकायत दर्ज कराने में मदद ले सकते हैं।
UMANG ऐप: यदि आप मोबाइल से शिकायत करना चाहते हैं, तो UMANG ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें आयुष्मान भारत सेक्शन में जाकर ‘Grievance Redressal’ विकल्प के जरिए अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
हर साल कितना मिलता है फ्री इलाज?
आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवार को सालाना 5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है। यह लाभ योजना में शामिल अस्पतालों और निर्धारित उपचार पैकेज के तहत मिलता है।
शिकायत करते समय इन बातों का रखें ध्यान
शिकायत दर्ज करते समय कुछ जरूरी Documents और सबूत अपने पास जरूर रखें। इनमें आयुष्मान कार्ड की कॉपी, अस्पताल की पर्ची, मेडिकल रिपोर्ट और इलाज से इनकार किए जाने से जुड़े डॉक्युमेंट्स हो सकते हैं। यदि संभव हो, तो फोटो या वीडियो सबूत भी संभालकर रखें।
शिकायत सबमिट होने के बाद मिलने वाला Grievance Number भी नोट कर लें। इससे आप आगे अपनी शिकायत का Status चेक कर सकेंगे।
