भारत में यहां पाए जाते हैं सबसे अधिक अजगर, कहते हैं ‘अजगर लोक’
अजगर बिना जहर वाला सांप होता है। भारत के अलग-अलग एरिया में हमें अजगर देखने को मिलते हैं। इस कड़ी में भारत में एक जगह ऐसी भी है, जहां सबसे अधिक अजगर पाए जाते हैं। इस जगह को ‘अजगर लोक’ भी कहते हैं।
भारत के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हमें अजगर देखने को मिलते हैं। अजगर अपने बड़े आकार और भारी वजन के लिए जाने जाते हैं। ये बिना जहर वाले सांप होते हैं, जो कि शिकार को अपनी पकड़ में जकड़कर मारते हैं। भारत में एक ऐसी जगह भी है, जहां सबसे अधिक अजगर पाए जाते हैं। यही वजह है कि इस जगह को ‘अजगर लोक’ भी कहा जाता है। कौन-सी है यह जगह, जानने के लिए यह पूरा लेख पढ़ें।
भारत में कहां पाए जाते हैं सबसे अधिक अजगर
मध्य प्रदेश के मंडला जिले में स्थित 'अजगर दादर' भारत में अजगरों विशेषकर इंडियन रॉक पायथन के सबसे बड़े और अनूठे प्राकृतिक आवासों में से एक है। इसे 'अजगर लोक' के नाम से भी जाना जाता है। कान्हा नेशनल पार्क के बफर जोन से लगे अंजनिया वन क्षेत्र के ग्राम ककैया में स्थित यह जगह हजारों अजगरों का मुख्य निवास स्थान है।
चट्टानों में रहते हैं अजगर
यह पूरा इलाका लगभग 2 से 5 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है। इस क्षेत्र में डोलोमाइट की बड़ी-बड़ी चट्टानें मौजूद हैं, जो अंदर से लगभग 40 फीट तक गहरी और पूरी तरह से खोखली हैं। ये गहरी गुफाएं अजगरों के लिए एक बेहद सुरक्षित प्राकृतिक आवास का काम करती हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, अजगर ठंडे खून वाले जीव होते हैं।
सर्दियों के मौसम में अपने शरीर का तापमान बनाए रखने के लिए उन्हें सूरज की रोशनी और गर्मी की सख्त जरूरत होती है। कड़ाके की ठंड में सैकड़ों अजगर इन गुफाओं से बाहर आकर चट्टानों पर एक साथ धूप सेंकते दिखते हैं। कई बार एक ही चट्टान पर 5 से 10 अजगरों को कुण्डली मारे देखा जा सकता है।
एरिया में भोजन है भरपूर
इस दलदली और जंगली इलाके में चूहे, खरगोश और गिलहरी जैसे छोटे जीव बड़ी संख्या में पाए जाते हैं। शिकार आसानी से उपलब्ध होने के कारण अजगरों को भोजन के लिए ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ती। इसी अनुकूल माहौल के कारण यहां अजगरों का कुनबा लगातार बढ़ता गया।
इंसानों को नहीं है खतरा
सबसे खास बात यह है कि इस बस्ती में हजारों की संख्या में अजगर होने के बावजूद ग्रामीणों के साथ इनका कोई संघर्ष नहीं है। क्योंकि, अजगर शांत स्वभाव के होते हैं और इनमें जहर नहीं होता, इसलिए स्थानीय आदिवासी और ग्रामीण इन्हें परेशान नहीं करते।
प्रमुख ईको-टूरिज्म केंद्र है एरिया
साल2014-15 के बाद से वन विभाग के प्रयासों से यह स्थान दुनिया की नजर में आया। अब यह कान्हा नेशनल पार्क आने वाले पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बन गया है। सर्दियों के मौसम में खुले में घूमते इतने सारे अजगरों को देखने के लिए देश-विदेश से पर्यटक और वन्यजीव फोटोग्राफर यहां आते हैं। सरकार भी इसे एक ईको-टूरिस्ट प्लेस के रूप में विकसित कर रही है।
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