घर का खर्च हो, बेटी की पढ़ाई हो या शादी की चिंता सता रही हो, ऐसे में यदि सरकारी मदद सही समय पर मिल जाए तो परिवार को काफी सहारा मिल सकता है। उत्तर प्रदेश सरकार भी ऐसी कई योजनाएं चला रही है, जिनमें पात्र महिलाओं और बेटियों को DBT के जरिए सीधे बैंक खाते में पैसा मिलता है। खास बात यह है कि इसमें किसी बिचौलिए के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होती।
यदि आप या आपके परिवार की कोई महिला इन योजनाओं के दायरे में आती है, तो इन तीन योजनाओं के बारे में जरूर जान लें।
1. मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना
बेटी के जन्म से लेकर उसकी पढ़ाई और आगे की शिक्षा तक परिवार को आर्थिक मदद देने के लिए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना चलाई जा रही है।
पात्रता पूरी होने पर बेटी को छह चरणों में सहायता मिलती है-
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बेटी के जन्म पर 2,000 रुपये
एक साल तक पूरा टीकाकरण होने पर 1,000 रुपये
कक्षा 1 में दाखिले पर 2,000 रुपये
कक्षा 6 में दाखिले पर 2,000 रुपये
कक्षा 9 में दाखिले पर 3,000 रुपये
12वीं पास करने के बाद ग्रेजुएशन या कम से कम 2 साल के डिप्लोमा में प्रवेश पर 5,000 रुपये
उत्तर प्रदेश का निवासी होना जरूरी
योजना का लाभ लेने के लिए परिवार का उत्तर प्रदेश का निवासी होना जरूरी है और वार्षिक पारिवारिक आय 3 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। सामान्य तौर पर एक परिवार की अधिकतम दो बेटियां योजना का लाभ ले सकती हैं।
2. निराश्रित महिला पेंशन योजना
पति की मृत्यु के बाद आर्थिक जिम्मेदारियों का बोझ उठाने वाली महिलाओं के लिए यह योजना काफी मददगार है।
पात्र महिलाओं को 1,000 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि DBT के जरिए सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है।
यानी हर महीने मिलने वाली यह मदद छोटी जरूर है, लेकिन जरूरत के समय घर के खर्च में बड़ा सहारा बन सकती है।
3. मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना
बेटी की शादी का खर्च गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी चिंता होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यूपी सरकार मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना चला रही है।
इस योजना के तहत पात्र जोड़े के विवाह पर सरकार की ओर से ₹1 लाख तक का प्रावधान है, जिसका विवरण यहां नीचे दिया गया है।
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64,000 रुपये दुल्हन के बैंक खाते में गृहस्थी शुरू करने के लिए ट्रांसफर किए जाते हैं।
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21,000 रुपये की उपहार सामग्री वर-वधू को दी जाती है।
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15,000 रुपये विवाह समारोह के आयोजन पर खर्च किए जाते हैं।
इस योजना का लाभ जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के अलावा पात्र विधवा, परित्यक्ता और तलाकशुदा महिलाओं को भी मिल सकता है।
आवेदन से पहले ये बात जरूर याद रखें
हर योजना के लिए अलग पात्रता और दस्तावेज निर्धारित हैं। आमतौर पर आधार / पहचान पत्र, आयु प्रमाण, बैंक पासबुक, आय और निवास प्रमाण पत्र जैसे डाक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ सकती है।
नई योजना या अतिरिक्त कैश ट्रांसफर की पुष्टि हमेशा सरकारी घोषणा और आधिकारिक पोर्टल से ही करें। यदि आप यूपी में रहती हैं या आपके घर में बेटी है, तो इन योजनाओं की पात्रता जरूर चेक करें। हो सकता है जिस सरकारी मदद की आपको जरूरत है, उसका रास्ता पहले से ही खुला हो।
साथ ही आपकी जानकारी के लिए बता दें कि योगी आदित्यनाथ सरकार महिलाओं के लिए 50 हजार रुपये तक की आर्थिक मदद देने के प्रस्ताव पर भी विचार कर रही है।
