वन्यजीवों के संरक्षण और अध्ययन के लिए चिड़ियाघर का अधिक महत्त्व है। यह एक्स-सीटू का एक बड़ा उदाहरण होता है, जहां वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास से निकालकर रखा जाता है। इस कड़ी में देश के अलग-अलग राज्यों में हमें कई बड़े चिड़ियाघर देखने को मिलते हैं। हालांकि, क्या आप देश के पहले 14-डी वर्चुअल चिड़ियाघर के बारे में जानते हैं ? इस चिड़ियाघर में पर्यटक न सिर्फ वन्यजीवों को स्क्रीन पर देखते हैं, बल्कि उन्हें महसूस भी करते हैं। इस लेख में हम जानेंगे कि यह चिड़ियाघर कहां है और इसमें क्या-क्या अनुभव मिलता है।
किस राज्य में है पहला 14-डी वर्चुअल चिड़ियाघर
भारत का पहला 14-D Virtual Zoo मध्य प्रदेश के इंदौर शहर स्थित कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में स्थापित किया गया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा इसका उद्घाटन किया गया था। डिजिटल तकनीक, मनोरंजन और पर्यावरण शिक्षा के इस आधुनिक संगम ने भारत में वन्यजीव पर्यटन और चिड़ियाघर संस्कृति का एक नया अध्याय शुरू किया है।
कैसे हुआ वर्चुअल चिड़ियाघर का निर्माण
इस हाई-टेक वर्चुअल चिड़ियाघर को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP Model) के तहत विकसित किया गया है। इसे तैयार करने में लगभग 4.5 करोड़ रुपये की लागत आई है। इसका मुख्य उद्देश्य वास्तविक जानवरों को बिना किसी तनाव या पिंजरे में कैद किए दर्शकों विशेषकर बच्चों और छात्रों को जंगल और वन्यजीवों का लाइव अनुभव कराना है।
चिड़ियाघर का मुख्य आकर्षण और विशेषताएं
-इस कॉम्प्लेक्स का मुख्य आकर्षण 14D वर्चुअल थिएटर है। यहां दर्शक केवल स्क्रीन पर वन्यजीवों को देखते ही नहीं हैं, बल्कि उन्हें महसूस भी करते हैं।
-3D और 4DX से कई कदम आगे बढ़कर इसमें Motion Seats, पानी की छीटें, हवा का झोंका, धुंध, गंध, कंपन और विशेष रोशनी जैसे 14 अलग-अलग फिजिकल प्रभाव शामिल किए गए हैं। जब स्क्रीन पर शेर दहाड़ता है या हाथी नदी पार करता है, तो दर्शकों को वास्तविक पानी और हवा महसूस होती है।
-इसमें दुर्लभ और विलुप्तप्राय जानवरों की 3D होलोग्राम छवियां हवा में तैरती हुई दिखाई देती हैं। साथ ही, एमेजॉन के जंगलों की थीम पर आधारित UV लाइट्स और ग्लो इफेक्ट्स बनाए गए हैं।
-परिसर में बच्चों और पर्यटकों के लिए एक आधुनिक भूलभुलैया और इन्फिनिटी विजुअल रूम भी शामिल किया गया है।
