उत्तर प्रदेश को भारतीय राजनीति का केंद्र माना जाता है। इस राज्य में राजनीतिक का इतिहास बहुत पुराना और समृद्ध रहा है। समय-समय पर यहां कई राजनीतिक दलों की सरकारें बनती रहीं हैं। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश का सबसे पुराना राजनीतिक दल कौन-सा है, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
उत्तर प्रदेश का सबसे पुराना राजनीतिक दल
यदि उत्तर प्रदेश यानि तत्कालीन यूनाइटेड प्रॉविन्स के सबसे पुराने राजनीतिक दल की बात करें, तो यह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेसहै। हालांकि, कांग्रेस एक राष्ट्रीय दल है, लेकिन उत्तर प्रदेश में इसका संगठन और प्रभाव आजादी से पहले से ही ऐतिहासिक रहा है।
उत्तर प्रदेश का राजनीति से संबंध
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 1885 में बंबई (अब मुंबई) में हुई थी, लेकिन उत्तर प्रदेश तब उत्तर-पश्चिमी प्रांत के नाम से जाना जाता था और कांग्रेस की गतिविधियों का एक प्रमुख केंद्र बन गया था। आजादी के आंदोलन के दौरान उत्तर प्रदेश कांग्रेस का गढ़ था। मोतीलाल नेहरू, जवाहरलाल नेहरू, मदन मोहन मालवीय, पुरुषोत्तम दास टंडन और गोविंद वल्लभ पंत जैसे दिग्गज नेता इसी प्रदेश से थे।
यूपी में कांग्रेस के नेता
कांग्रेस की स्थापना होने के बाद उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद, लखनऊ और वाराणसी जैसे शहरों में इसकी समितियां और संगठन एक्टिव हो गए थे। प्रयागराज का 'आनंद भवन' कांग्रेस की गतिविधियों का अघोषित मुख्यालय कहा जाता था। आजादी के बाद उत्तर प्रदेश में कई दशकों तक कांग्रेस का राज रहा। भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और बाद के कई प्रधानमंत्री जैसे लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी इसी प्रदेश से चुनकर आए। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री गोविंद वल्लभ पंतकांग्रेस के ही वरिष्ठ नेता थे।
यूपी के अन्य पुराने ऐतिहासिक दल
कांग्रेस के अलावा आजादी के समय और उसके तुरंत बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में कई अन्य विचारधाराओं वाले दल भी सक्रिय हो गए थे:
-सीपीआई भारत के सबसे पुराने दलों में से एक है, जिसकी स्थापना 1925 में हुई थी। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों जैसे कानपुर और किसान आंदोलनों में सीपीआई का प्रभाव आजादी से पहले और बाद में भी काफी था।
-भारतीय जनसंघ की स्थापना 1951 में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा की गई थी। भारतीय जनसंघ, जो आज की भारतीय जनता पार्टी (BJP) का पूर्ववर्ती दल था, उत्तर प्रदेश में एक महत्त्वपूर्ण विपक्षी ताकत के रूप में उभरा था।
-राम मनोहर लोहिया और जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में विभिन्न समाजवादी धड़े भी उत्तर प्रदेश की राजनीति में 1950 और 60 के दशक में सक्रिय हुए थे, जिन्होंने कांग्रेस को कड़ी चुनौती दी।
उत्तर प्रदेश के प्रमुख क्षेत्रीय दल
-बहुजन समाज पार्टी (BSP): इसकी स्थापना 14 अप्रैल 1984 को कांशीराम द्वारा की गई थी। यह उत्तर प्रदेश का सबसे पुराना और प्रमुख 'दलित-केंद्रित' क्षेत्रीय दल है।
-समाजवादी पार्टी (SP): इसकी स्थापना 4 अक्टूबर 1992 को मुलायम सिंह यादव द्वारा की गई थी।
