उत्तर प्रदेश के गांवों को रोशन करने की योगी सरकार के प्रयास को अब और रफ्तार मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री ग्राम सौर योजना के तहत निर्धारित पात्रता मानकों को पूरा नहीं कर पा रही 755 ग्राम पंचायतों को भी योजना का लाभ देने की तैयारी है। सरकार ने इन पंचायतों को राहत देने के लिए सालाना आय से जुड़े मानक में छूट देने का फैसला किया है। इससे गांवों की गलियों और सड़कों पर सौर ऊर्जा से चलने वाली लाइटें लगाने का रास्ता साफ होगा।
1500 ग्राम पंचायतों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ग्राम सौर योजना के तहत इस वित्तीय वर्ष में प्रदेश की 1500 ग्राम पंचायतों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए प्रत्येक जिले की 20 ग्राम पंचायतों को योजना में शामिल किया गया है।
हालांकि, प्रदेश की कुल 57,694 ग्राम पंचायतों में से अभी तक केवल 745 पंचायतें ही योजना के लिए निर्धारित पात्रता मानकों को पूरा कर रही हैं। ऐसे में तय लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार ने नियमों में आवश्यक बदलाव करने का निर्णय लिया है।
25 हजार रुपये की आय का था मानक
योजना के मौजूदा प्रावधानों के अनुसार ऐसी ग्राम पंचायतें पात्र हैं, जो हर वर्ष कम से कम 25 हजार रुपये या उससे अधिक की आय अर्जित करती हैं। पात्र पंचायतों को सोलर लाइट लगाने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से 5 लाख रुपये का अनुदान दिया जाता है।
कम आय वाली ग्राम पंचायतों के लिए यही शर्त योजना का लाभ लेने में बड़ी बाधा बन रही थी। इसे देखते हुए विभाग ने आय संबंधी पात्रता में राहत देने का फैसला किया है।
मंत्री ने दिए मानक में छूट के निर्देश
प्रदेश के पंचायती राज विभाग के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अपात्र रह गईं 755 ग्राम पंचायतों को भी मुख्यमंत्री ग्राम सौर योजना का लाभ दिलाने के लिए 25 हजार रुपये की न्यूनतम वार्षिक आय के मानक को शिथिल करने के निर्देश दिए हैं।
सरकार के इस कदम से उन ग्राम पंचायतों को भी योजना में शामिल किया जा सकेगा, जो मौजूदा आय सीमा पूरी नहीं कर पा रही थीं।
गांवों की गलियां होंगी सौर ऊर्जा से रोशन
मुख्यमंत्री ग्राम सौर योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली पर निर्भरता कम करते हुए सौर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइट के माध्यम से गांवों की गलियों और सड़कों को रोशन करना है। योजना के तहत चयनित ग्राम पंचायतों को सोलर लाइट लगाने के लिए 5 लाख रुपये का सरकारी अनुदान मिलता है।
आय मानक में छूट के बाद अब सरकार को 1500 ग्राम पंचायतों के तय लक्ष्य को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में रात के समय बेहतर रोशनी के साथ-साथ स्वच्छ और अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
