हर साल दिवाली से पहले धनतेस का पर्व आता है। यह पर्व समृद्धि का प्रतीक माना जाता है और इस दिन हिंदू धर्म में माता लक्ष्मी, धन्वंतरि और कुबेर देव की पूजा की जाती है। पर्व के मौके पर लोग सोना-चांदी और बर्तनों की खरीददारी करते हैं। इस कड़ी में देशभर के बाजारों में लोगों की भीड़ उमड़ती है और बाजारों में रौनक देखने को मिलती है। हालांकि, इस बार लोग धनतेरस को लकेर दुविधा में हैं कि यह इस बार 6 नवंबर की पड़ रही है या फिर यह पर्व 7 नवंबर को मनाया जाएगा। क्या आपको भी इसे लेकर दुविधा है, यदि हां, तो इस लेख में हम इस बारे में जानेंगे।
2026 में धनतेरस कब की है
द्रिक पंचांग के मुताबिक, धनतेरस का त्योहार हर साल कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। इस साल यानि साल 2026 में यह तिथि 6 नवंबर, 2026 को सुबह 9 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगी और 7 नवंबर को सुबह 11 बजकर 45 मिनट तक रहेगी। इसे देखते हुए धनतेरस का पर्व 6 नवंबर को मनाया जाएगा।
Related Stories
क्या खरीदारी का भी है कोई समय
वैसे तो धनतेरस पर खरीदारी का कोई निश्चित समय नहीं है। हालांकि, लोग धनतेरस का पर्व शुरू होने पर अपनी सुविधा के अनुसार दिनभर कभी भी खरीददारी कर सकते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दिन खरीददारी करने पर समृद्धि बढ़ती है।
सोना-चांदी की होती है खरीददारी
धनतेरस के अवसर पर लोग अपनी सुविधा के हिसाब से सोना-चांदी की खरीददारी करते हैं। यही वजह है कि इस दिन देशभर के सर्राफा बाजारों की जमकर कमाई होती है और देश की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलती है। क्योंकि, इस दिन देशभर में बड़ी मात्रा में सोना और चांदी बिकता है, जिससे बाजार में नकदी की मात्रा बढ़ती है।
कुछ लोग अपनी सुविधा के हिसाब से सोना-चांदी को छोड़कर बर्तनों की खरीददारी करते हैं, जिससे छोटे-बड़े व्यापारियों, दोनों को ही लाभ पहुंचता है और भारतीय बाजारों का आर्थिक पहिया तेजी से घूमता है। यही वजह है कि धनतेरस का पर्व भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए भी उतना ही महत्त्वपूर्ण है, जितना इसका महत्त्व हिंदू धर्म में है।
