भारत की पहली पानी के नीचे चलने वाली बुलेट ट्रेन
भारत की पहली बुलेट ट्रेन मुंबई और अहमदाबाद के बीच चलाई जाएगी ओर इस दूरी को तय करने में लगभग दो घंटे सात मिनट का समय लगेगा. इसमें काफी ऐसी खूबियाँ होंगी जो अभी तक किसी भी भारतीय ट्रेन में नहीं हुई हैं. आइये इस लेख के जरिये बुलेट ट्रेन के बारें में कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों पर नज़र डालते हैं.
भारत की पहली बुलेट ट्रेन मुंबई और अहमदाबाद के बीच चलाई जाएगी. ऐसी संभावना है कि इस बुलेट ट्रेन की अधिकतम गति 350 किमी प्रति घंटे और सामान्य गति 320 किमी प्रति घंटे होगी. ऐसा माना जा रहा है कि मुंबई और अहमदाबाद के बीच 508 किलोमीटर की दूरी तय करने में बुलेट ट्रेन को लगभग दो घंटे सात मिनट का समय लगेगा.
बुलेट ट्रेन में क्या-क्या सुविधाएँ होंगी

पहली भारत की बुलेट ट्रेन की खासियत यह होगी कि इसमें महिलाओं के लिये स्तनपान कराने की सुविधा, बीमार यात्रियों के लिये व्यवस्था, बच्चों के लिये भी चेंजिंग रूम होगा जिसमें बच्चों के लिये शौचालय, डायपर फेंकने के लिये व्यवस्था और बच्चों के हाथ धोने के लिये कम ऊंचाई वाले सिंक उपलब्ध होंगे. इसके अलावा गर्म पानी के साथ पश्चिमी तौर तरीके वाले अत्याधुनिक शौचालय की सुविधा भी उपलब्ध होगी जिसमें मेकअप के लिये तीन-तीन आईने लगे होंगे.
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समुद्र में भी चलेगी पहली भारत की बुलेट ट्रेन

इतना ही नहीं देश की पहली बुलेट ट्रेन में यात्रा करते समय यात्रियों को समुद्र में सवारी करने का भी रोमांचक मौका मिलेगा. 508 किमी लंबी मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर में समुद्र के नीचे 21 किमी लम्बी सुरंग होगी.
भारत में पहली बुलेट ट्रेन का निर्माण कार्य कब से शुरू होगा

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भारत सरकार की बुलेट ट्रेन की परियोजना का निर्माण कार्य 2017 से शुरू हो कर 2023 में समाप्त होने की संभावना है. यह जापान की 25 ई-5 शिंकासेन श्रृंखला जैसा होगा जिसमें 731 सीटें होंगी. ई-5 शिंकासेन बुलेट ट्रेन नई पीढ़ी की जापानी हाईस्पीड ट्रेन है. बुलेट ट्रेन के निर्माण में तकरीबन 980 अरब की लागत आएगी और जापान इसके निर्माण के लिए 8.11 अरब डॉलर से अधिक का ऋण देगा. बुलेट ट्रेन कौन-कौन रेलवे स्टेशनों से गुजरेगी इसका अभी निर्णय नहीं हुआ हैं पर प्रस्तावित फैसलों में मुंबई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र (एमएमआर) के कुछ स्थानों में ठाणे, विरार बोईसर और पालघर शामिल हैं और दूसरी तरफ अहमदाबाद के रास्ते पर वेप, सूरत और वडोदरा को शामिल करने की संभावना है.
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भारत की पहली बुलेट ट्रेन की और क्या खासियत हैं

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ऐसा भारतीय रेल में पहली बार होगा जब बुलेट ट्रेन में महिलाओं एवं पुरुषों के लिये विशेष शौचालय एवं मूत्रालयों की व्यवस्था के साथ अलग आरामकक्ष की सुविधा भी होगी. हालांकि, ट्रेन में वैकल्पिक डिब्बों में मूत्रालय और शौचालय स्थापित किए जाएंगे। उदाहरण के लिए, कोच संख्या 1, 3, 5, 7 और 9 में शौचालय स्थापित किए जाएंगे, जबकि मूत्रालयों को कोच संख्या 2, 4, 6 और 8 में उपलब्ध कराया जाएगा.
भारत की पहली बुलेट ट्रेन में बिजनेस क्लास यात्रियों के लिए सामान रखने के लिए अलग स्थान होगा. बिजनेस क्लास यात्रियों के अलावा विशिष्ट श्रेणी के यात्री भी सफर करेंगें. जिसमें 698 सीटें विशिष्ट श्रेणी यात्रियों के लिए और 55 सीट्स बिजनेस क्लास के लिए निर्धारित की जाएंगी. इसका किराया तकरीबन 2800 रूपये हो सकता है.