भारत में कहां होती है दुनिया के सबसे महंगे आम की खेती, 3 लाख रुपये किलो तक है दाम
गर्मी का मौसम चल रहा है, ऐसे में अब आपने भी मौसमी फलों का सेवन शुरू कर दिया होगा। वहीं, जब भी फलों के राजा की बात होती है, तो आम का जिक्र होता है। इसमें भी आम की 14,00 प्रजातियां हैं। इसके अलावा कई जंगली प्रजातियां भी हैं। हालांकि, क्या आपको दुनिया के सबसे महंगे आम के बारे में पता है। खास बात यह है कि यह आम अब भारत में भी मौजूद है, जिसका दाम 3 लाख रुपये किलों तक चला जाता है।
उत्तर भारत समेत विभिन्न राज्य इस समय भीषण गर्मी झेल रहे हैं। ऐसे में लोग गर्मी से बचने के लिए ठंडी तासीर वाले फलों का सेवन कर रहे हैं, जिसमें खरबूज और तरबूज समेत अन्य फल शामिल हैं। वहीं, जब भी बात फलों के राजा की होती है, तो उसमें आम का नाम लिया जाता है। आम की प्रजातियों की बात करें, तो वे 1400 हैं, लेकिन हमें केवल कुछ ही प्रजातियों के बारे में जानकारी है, जिसमें लंगड़ा, चौसा, दशहरी और अल्फांसो शामिल है। हालांकि, क्या आपको दुनिया के सबसे महंगे आम के बारे में पता है। खास बात यह है कि यह आम अब भारत में भी मौजूद है, जिसका दाम तीन लाख रुपये तक चला जाता है। कौन-सा है यह आम और भारत में कहां मिलता है, जानने के लिए यह आर्टिकल पढ़ें।
यह है दुनिया का सबसे महंगा आम
दुनिया के सबसे महंगे आम की बात करें, तो यह Miyazaki प्रजाति का आम है। यह एक जापानी प्रजाति है, जो कि आमतौर पर जापान में मिलती है। हालांकि, हाल ही में यह भारत में भी उपलब्ध हुआ है।
भारत में कहां मौजूद है यह आम
दुनिया का सबसे महंगा आम भारत में भी मौजूद है। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के दुबराजपुर में करीब दो साल पहले एक मस्जिद में इस आम की प्रजाति के एक पौधे को लगाया गया था, जिसके दो साल बाद इसमें आम उग आए। खास तरह के आम होने के कराण इन्हें देखने के लिए भी लोग दूर-दूर से पहुंचे।
कितना है आमों का दाम
मस्जिद में उगे इन आमों की जब नीलामी की गई, तो यह आम 3 लाख रुपये किलो तक बिके, जिसे मस्जिद के निर्माण कार्य में इस्तेमाल किया गया। वहीं, इंडिया टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक आम का दाम 10,600 रुपये तक रहा।

पकने के साथ रंग बदलता है यह आम
दुनिया का सबसे मंहगा आम होने का साथ इस आम की खास बात यह है कि यह बाकी आमों से अलग दिखता है। यह आम पकने के साथ अपना रंग बदलता है। शुरुआत में इस आम का रंग बैंगनी होता है, हालांकि जैसे-जैसे यह पकता है, तो इसके रंग में भी बदलाव होता है। एक बार पूरी तरह से पकने पर इस आम का रंग फ्लेमिंग रेड हो जाता है।
आम की सुरक्षा बड़ी चुनौती
खास तरह के इस आम की सुरक्षा की भी बड़ी चुनौती है। इन आमों की देखभाल के लिए भी अधिक मेहनत करनी पड़ती है। यही वजह है कि पश्चिम बंगाल में जिस जगह पर इस आम को उगाया गया, वहां पर इनकी सुरक्षा के लिए चार सुरक्षकर्मी और छह कुत्तों को रखा गया था, जिससे कोई भी आम के बगीचे में न पहुंच सके।
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