जल महल अद्वितीय क्यों ?: 10 तथ्य एक नज़र में
शब्द "जल महल" का मतलब है "पानी का किला" ,जो कि जयपुर में स्तिथ है। इसका निर्माण 1750 वीं सदी में आमेर के महाराजा जयसिंह द्वितीय द्वारा ठीक आम सागर के बीचों-बीच किया गया था । यह लाल बलुआ पत्थर से निर्मित है। यह "'जल महल" राजपूत और मुग़ल शैली की वास्तुकला का एक नायब सयोंजन है। यह एक पांच मंजिला इमारत है। जब झील के पानी से भर जाती है तब इसकी चार मंज़िले पानी से डूब जाती है और फिर केवल शीर्ष मज़िल दिखाई पड़ती है।
शब्द "'जल महल" का मतलब है "पानी का किला" ,जो कि जयपुर में स्तिथ है। इसका निर्माण 1750 वीं सदी में आमेर के महाराजा जयसिंह द्वितीय द्वारा ठीक आम सागर के बीचों-बीच किया गया था । यह लाल बलुआ पत्थर से निर्मित है। यह "'जल महल" राजपूत और मुग़ल शैली की वास्तुकला का एक नायब सयोंजन है। यह एक पांच मंजिला इमारत है। जब झील के पानी से भर जाती है तब इसकी चार मंज़िले पानी से डूब जाती है और फिर केवल शीर्ष मज़िल दिखाई पड़ती है।
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Image Source:www.jaipurcityblog.com
1. "जल महल "शब्द का मतलब है "पानी का किला" ।
2. जल महल, राजस्थान राज्य के जयपुर शहर में स्थित है।
3. यह बिल्कुल मान सागर झील के मध्य में स्थित है।
4. यह 18 वीं सदी में आमेर के महाराजा जय सिंह द्वितीय के द्वारा बनवाया गया था।
5. जल महल एक 266 पुरानी इमारत है जिसे 1750 में बनवाया गया।
6. इसके निर्माण के लिए लाल बलुआ पत्थर का प्रयोग हुआ है।
7. यह राजपूत और मुग़ल शैली की वास्तुकला का एक बेहतरीन संयोजन है।
8. यह एक पांच मंजिला इमारत है,जब झील (मान सागर) चारो तरफ पानी से भर जाती है तब इसकी चारो मंज़िले पानी में डूब जाती है और फिर सिर्फ इसकी शीर्ष मंजील दिखाई पड़ती है।
9. यहां से मान सागर झील और नाहरगढ़ हिल्स के चारो तरफ के नज़ारे बहुत आकर्षक नज़र आते है।
10. इसका निर्माण महल शाही परिवारों के खातिर एक पिकनिक स्पॉट के रूप में बनाया गया ।