भारत को विविधताओं का शहर कहा जाता है। इस कड़ी में देश में कई ऐसे शहर हैं, जिनकी अपनी-अपनी विशेषताएं हैं। शहरों की विशेषताओं की वजह से उन्हें उनके मूल नाम के अलाव उपनाम से भी जाना जाता है। इस कड़ी में भारत में एक शहर भी है, जिसे Evergreen City के नाम से भी जाना जाता है। खास बात यह है कि उपनाम भारत की एक बड़ी शख्सियत द्वारा दिया गया था। कौन-सा है यह शहर और क्या है इसकी कहानी, जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें।
भारत की एवरग्रीन सिटी कौन-सी है
भारत की 'एवरग्रीन सिटी' के रूप में केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम को जाना जाता है। इसे अक्सर इसके पुराने नाम त्रिवेंद्रम से भी पहचाना जाता है।
यह उपनाम किसने और क्यों दिया?
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जब केरल की यात्रा पर आए थे, तो वह तिरुवनंतपुरम की तटीय पहाड़ियों, नारियल के पेड़, झीलों और सालों भर बनी रहने वाली हरियाली से बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने ही इस शहर को "Evergreen City of India" यानि भारत का सदाबहार शहर की उपाधि दी थी।
सात पहाड़ियों पर बसा है शहर
यह शहर अरब सागर के तट पर सात पहाड़ियों पर बसा हुआ है। यहां साल में दो बार दक्षिण-पश्चिम मानसून और उत्तर-पूर्वी मानसून से अच्छी मात्रा में बारिश होती है, जिसके कारण यहां की वनस्पति और हरियाली पूरे वर्ष हरी-भरी बनी रहती है।
तिरुवनंतपुरम की प्रमुख विशेषताएं
अब हम इस शहर की विशेषताओं के बारे में जान लेते हैः
-यह त्रावणकोर साम्राज्य की ऐतिहासिक राजधानी रहा है। यहां विश्व प्रसिद्ध श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर स्थित है, जो दुनिया के सबसे अमीर धार्मिक स्थलों में गिना जाता है।
-तिरुवनंतपुरम भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान की जन्मभूमि है। यहीं पर विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र और भारत का पहला रॉकेट लॉन्चिंग स्टेशन स्थित है।
-विश्व प्रसिद्ध कोवलम बीच, पोंमुडी हिल स्टेशन और वर्कला बीच इसके प्रमुख आकर्षण हैं।
-तिरु-अनंत-पुरम' शब्द मलयालम और संस्कृत से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है "भगवान अनंत का पवित्र शहर"।
-1990 में स्थापित तिरुवनंतपुरम का 'टेक्नोपार्क' भारत का सबसे पहला और क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे बड़ा आईटी पार्क है।
- यह शहर पारंपरिक आयुर्वेदिक चिकित्सा और योग अनुसंधान केंद्रों का एक प्रमुख वैश्विक केंद्र माना जाता है।
