उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ आने वाले दिनों में मनोरंजन और पर्यटन के क्षेत्र में एक नई पहचान बना सकती है। शहर में देश का सबसे बड़ा एम्यूजमेंट यानी थीम बेस्ड मनोरंजन पार्क बनाने की तैयारी चल रही है। यहां लोगों को रोमांचक रोलर कोस्टर, वाटर स्लाइड और वेव पूल के साथ फाइव स्टार रिजॉर्ट, मल्टीप्लेक्स और शॉपिंग प्लाजा जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी। यदि यह योजना जमीन पर उतरती है तो लखनऊ देश के बड़े मनोरंजन केंद्रों में शामिल हो सकता है।
लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने प्रबंध नगर योजना के तहत करीब 322 हेक्टेयर जमीन पर इस मेगा पार्क को विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस संबंध में केरल की एक संस्था LDA अधिकारियों के सामने प्रेजेंटेशन भी दे चुकी है।
अब इस प्रस्ताव को प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद DPR तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
322 हेक्टेयर में बनेगा विशाल थीम पार्क
बात दें कि प्रस्तावित पार्क का आकार देश में मौजूद बड़े मनोरंजन पार्कों से काफी ज्यादा होगा। फिलहाल मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर खोपोली में स्थित पार्क देश के सबसे बड़े एम्यूजमेंट पार्कों में गिना जाता है, जो करीब 330 एकड़ में फैला है। वहीं, लखनऊ में प्रस्तावित पार्क का क्षेत्रफल लगभग 322 हेक्टेयर होगा। यह गोमती नगर विस्तार स्थित जनेश्वर मिश्र पार्क से भी करीब चार गुना बड़ा बताया जा रहा है।
LDA ने बीते गुरुवार को केरल की उस संस्था ने प्रेजेंटेशन दिया, जिसने कोच्चि और बेंगलुरु में पार्क बनाए है। इसका 3D मॉडल भी पेश किया गया।
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तीन जोन में मिलेंगे मनोरंजन के अनुभव
पार्क को तीन हिस्सों में विकसित करने की योजना है। पहले जोन में 70 से ज्यादा हाई थ्रिल राइड्स होंगी। इनमें भारत का सबसे बड़ा रोलर कोस्टर, रिवर्स लूपिंग कोस्टर, जायंट व्हील और 100 फीट ऊंचा ड्रॉप टावर शामिल होंगे।
दूसरे जोन में वाटर पार्क तैयार किया जाएगा। यहां दो लाख लीटर क्षमता का वेव पूल, 15 तरह की वाटर स्लाइड, लेजी रिवर, रेन डिस्को और आर्टिफिशियल स्नो पार्क बनाने का प्रस्ताव है।
वहीं, तीसरे जोन में फाइव स्टार रिजॉर्ट, फूड कोर्ट, शॉपिंग प्लाजा, मल्टीप्लेक्स और बच्चों के लिए अलग प्ले एरिया बनाया जाएगा।
2000 करोड़ का निवेश, PPP मॉडल पर होगा निर्माण
इस प्रोजेक्ट पर करीब 1500 से 2000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसे PPP मॉडल पर बनाया जाएगा। इसके तहत एलडीए जमीन उपलब्ध कराएगा, जबकि निजी कंपनी निवेश करके पार्क का निर्माण और संचालन करेगी।
ग्रीन बेल्ट की जमीन बनी चुनौती
इस प्रोजेक्ट के सामने जमीन के इस्तेमाल को लेकर सवाल भी हैं। जिस जमीन पर पार्क बनाने की योजना है, वह ग्रीन बेल्ट के रूप में दर्ज है। LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने अधिकारियों से फीजिबिलिटी रिपोर्ट मांगी है। प्रस्ताव के अनुसार, पार्क के 40% हिस्से में हरियाली, थीम गार्डन और वाटर बॉडी विकसित की जाएंगी।
