भारत की आबादी बीते कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है। इस कड़ी में सभी राज्यों और जिलों की आबादी में भी तेजी से उछाल आया है। ऐसे में भारत जल्द ही आधिकारिक तौर पर दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश बन जाएगा। इस कड़ी में क्या आप जानते हैं कि भारत का सबसे कम जनसंख्या घनत्व वाला जिला कौन-सा है, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
भारत का सबसे कम जनसंख्या घनत्व वाला जिला
भारत का सबसे कम जनसंख्या घनत्व वाला जिला दिबांग घाटी है, जो पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश में स्थित है। साल 2011 की राष्ट्रीय जनगणना के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस जिले का जनसंख्या घनत्व मात्र 1 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है। इसका सीधा मतलब यह है कि यहां औसतन 1 वर्ग किलोमीटर के भौगोलिक क्षेत्र में केवल 1 व्यक्ति निवास करता है।
दिबांग घाटी की कुल जनसंख्या
साल 2011 के जनगणना के आंकड़ों पर गौर करें, तो यहां की आबादी सिर्फ 8004 दर्ज की गई थी। इस जिले का कुल एरिया 9129 वर्ग किलोमीटर है। ऐसे में यहां का जनसंख्या घनत्व प्रति वर्ग किलोमीटर 1 व्यक्ति हुआ। जिले का मुख्यालय अनिनी है।
जिले में क्यों कम है जनसंख्या घनत्व
अब हम दिबांग घाटी जिले में जनसंख्या घनत्व कम होने का कारण जान लेते हैं। आपको बता दें कि दिबांग घाटी का अधिकांश हिस्सा ऊंचे हिमालयी पर्वतों, घने जंगलों और गहरी घाटियों से ढका हुआ है। यहां की जमीन इतनी कठिन है कि बड़े पैमाने पर इंसानी बस्तियां बसाना बहुत मुश्किल है।
वहीं, यह इलाका काफी हद तक ठंडा और अधिक बारिश वाला है। सर्दियों के मौसम में अधिक बर्फबारी के कारण यहां कनेक्टिविटी कट जाती है। जमीनी स्थिति के कारण यहां सड़कों, रेलवे और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास अन्य मैदानी क्षेत्रों की तुलना में सीमित रहा है।
जिले में कौन-सी जनजाति रहती है
आपको बता दें कि यहां मुख्य रूप से 'इदू मिशमी'जनजाति के लोग निवास करते हैं। वे अपनी पारंपरिक और प्रकृति-आधारित जीवनशैली के तहत बिखरे हुए छोटे-छोटे गांवों में रहते हैं।
