सोलर पैनल लगवाने के बाद, यह काम नहीं किया तो रुक सकता है PM Surya Ghar सब्सिडी का पैसा!

घर की छत पर सोलर पैनल लगवाने के बाद यदि आप सरकारी सब्सिडी का इंतजार कर रहे हैं, तो यह आपके लिए जरूरी खबर है। केवल सोलर सिस्टम इंस्टॉल होना ही पर्याप्त नहीं है। आवेदन में एक जरूरी प्रक्रिया अधूरी रहने पर सब्सिडी का पेमेंट अटक सकता है। 

Sep 29, 2026, 18:57 IST
सोलर लगने के बाद भी क्यों रुक सकती है सब्सिडी?
सोलर लगने के बाद भी क्यों रुक सकती है सब्सिडी?

बिजली का बिल कम करने के लिए यदि आपने अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवा लिया है और अब सरकारी सब्सिडी का इंतजार कर रहे हैं, तो एक जरूरी बात समझ लें। सिर्फ सोलर सिस्टम लग जाने से सब्सिडी का पैसा तुरंत खाते में नहीं आता। इसके लिए कुछ जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करनी होती हैं। यदि इनमें कहीं गलती रह गई या कोई प्रक्रिया अधूरी रह गई, तो सब्सिडी मिलने में देरी हो सकती है। 

सोलर लगने के बाद भी क्यों रुक सकती है सब्सिडी?

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर सिस्टम लगवाने के बाद आवेदन की जांच और वेरीफिकेशन की प्रक्रिया होती है। इसमें बिजली वितरण कंपनी यानी DISCOM से जुड़ी औपचारिकताएं, सिस्टम का वेरीफिकेशन और नेट मीटरिंग जैसी प्रक्रियाएं शामिल हो सकती हैं।

यही कारण है कि सोलर पैनल लगने के बाद आवेदन का स्टेटस देखना बंद कर देना बड़ी गलती हो सकती है।

आवेदन का स्टेटस जरूर चेक करें

सोलर इंस्टॉलेशन पूरा होने के बाद योजना के पोर्टल पर अपने आवेदन का स्टेटस जरूर देखते रहें। यदि वहां किसी तरह का एक्शन पेंडिंग है तो उसे नजरअंदाज न करें।

कई बार किसी डॉक्यूमेंट में छोटी-सी कमी या जानकारी में अंतर के कारण आवेदन आगे नहीं बढ़ पाता। इसलिए समय-समय पर स्टेटस चेक करना जरूरी है।

नेट मीटरिंग की प्रक्रिया भी अहम

सोलर सिस्टम लगने के बाद नेट मीटरिंग से जुड़ी प्रक्रिया पूरी होना भी जरूरी है। कई मामलों में घर पर पैनल और इन्वर्टर लग जाते हैं, लेकिन मीटर से संबंधित काम अभी बाकी रहता है।

ऐसी स्थिति में उपभोक्ता को अपने संबंधित DISCOM से संपर्क करके यह पता कर लेना चाहिए कि उसकी नेट मीटरिंग प्रक्रिया किस फेज में है।

बैंक डिटेल में गलती पड़ सकती है भारी

सब्सिडी के पेमेंट के लिए बैंक से जुड़ी डिटेल्स भी सही होना जरूरी है। आवेदन में दर्ज बैंक अकाउंट नंबर, IFSC और खाताधारक के नाम की डिटेल्स को ध्यान से चेक कर लें। 

डॉक्यूमेंट और बैंक रिकॉर्ड में नाम अलग होने या बैंक संबंधी जानकारी गलत होने पर पेमेंट रुक सकती है।

सोलर वेंडर से भी लेते रहें अपडेट

सोलर सिस्टम लगवाने के बाद अपने अधिकृत वेंडर से यह जरूर पूछें कि इंस्टॉलेशन से जुड़े सभी जरूरी डॉक्यूमेंट और डिटेल्स पोर्टल पर अपडेट कर दी गई है या नहीं। यदि सिस्टम लग चुका है लेकिन आवेदन आगे नहीं बढ़ रहा, तो वेंडर और DISCOM दोनों से स्टेटस की जानकारी लेना बेहतर रहेगा।

कितनी मिलती है सब्सिडी?

योजना के तहत पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को सोलर क्षमता के आधार पर केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाती है। मौजूदा प्रावधान के अनुसार पहले 2kW तक 60% और अतिरिक्त 1 किलोवाट क्षमता पर 40% तक केंद्रीय सहायता का प्रावधान है। 3 किलोवाट से अधिक क्षमता पर अतिरिक्त केंद्रीय सहायता नहीं दी जाती। 

सब्सिडी नहीं आई तो क्या करें?

यदि सोलर लगने के बाद भी पैसा नहीं आया है, तो सबसे पहले आवेदन का स्टेटस चेक करें। इसके बाद DISCOM की जांच, नेट मीटरिंग, बैंक डिटेल और डॉक्युमेंट्स की जानकारी दोबारा मिलाएं। जरूरत पड़ने पर सोलर वेंडर और संबंधित DISCOM से संपर्क करें।

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Bagesh Yadav

Senior Executive - Editorial

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