भारत को नदियों का प्रमुख देश कहा जाता है, क्योंकि यहां छोटी-बड़ी मिलाकर कई नदियों का प्रवाह होता है। ये नदियां न सिर्फ पीने के पानी की कमी को पूरा करती हैं, बल्कि कृषि और जल विद्युत परियोजनाओं के लिए भी इनका उतना ही महत्त्व है। इस कड़ी में क्या आप भारत की उन नदियों के बारे में जानते हैं, जो उत्तर से दक्षिण नहीं, बल्कि दक्षिण से उत्तर दिशा में बहती हैं ? इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
कौन-कौन-सी नदियां दक्षिण से उत्तर दिशा में बहती हैं
भौगोलिक रूप से प्रायद्वीपीय भारत यानि Peninsular India का मालवा पठार उत्तर की ओर झुका हुआ है। इसी ढलान के कारण सोन, चंबल, बेतवा और केन जैसी नदियां दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम से उत्तर और उत्तर-पूर्व की ओर बहती हैं और आखिर में गंगा व यमुना नदी में मिल जाती हैं।
कहां से निकलती है सोन नदी
यह मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में अमरकंटक की पहाड़ियों से निकलती है। उत्तर-पूर्व की ओर बहते हुए यह मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड और बिहार से होकर गुजरती है। बिहार में पटना के पास मनेर में यह सीधे गंगा नदी में मिल जाती है।
कहां से निकलती है चंबल नदी
यह मध्य प्रदेश के महू के पास स्थित जानापाव पहाड़ी से निकलती है। मालवा पठार से उत्तर की ओर बहते हुए यह राजस्थान और उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती है।
उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में यह यमुना नदी से मिल जाती है।
कहां से निकलती है बेतवा नदी
मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में विंध्याचल पर्वत श्रृंखला से इसका उद्गम होता है। यह दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व की ओर मध्य प्रदेश और यूपी के बुंदेलखंड एरिया से होकर बहती है। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर के पास यह यमुना नदी में मिलती है।
कहां से निकलती है केन नदी
यह मध्य प्रदेश के कटनी जिले में कैमूर की पहाड़ियों से निकलती है। उत्तर दिशा की ओर बहती हुई यह पन्ना नेशनल पार्क से गुजरती है। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में यह यमुना नदी में मिल जाती है।
क्या है दक्षिण से उत्तर में बहने का मुख्य कारण
भारत की अधिकांश नदियां जैसे गंगा, गोदावरी, कृष्णा पूर्व या दक्षिण-पूर्व की ओर बहती हैं। लेकिन, विंध्याचल और सतपुड़ा श्रेणियों के उत्तर में स्थित मालवा और बुंदेलखंड के पठार का ढलान उत्तर/उत्तर-पूर्व दिशा में है। इसी ढलान की वजह से ये नदियां दक्षिण से उत्तर की ओर प्रवाहित होती हैं।
