यदि आप भी अपनी बचत का एक हिस्सा पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) या किसान विकास पत्र (KVP) जैसी सरकारी योजनाओं में लगा है, तो 30 सितंबर की तारीख आपके लिए खास हो सकता है। सरकार इसी दिन अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा करने जा रही है। ऐसे में निवेशकों की नजर इस बात पर है कि ब्याज दरें पहले की तरह बनी रहती हैं या इनमें कोई बदलाव किया जाता है।
हर तीन महीने में होती है समीक्षा
बता दें कि स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों की समीक्षा सरकार हर तीन महीने में करती है। पिछली समीक्षा 30 जून 2026 को हुई थी। उस समय जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए PPF, SSY, KVP समेत प्रमुख छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया था।
अब 30 सितंबर को होने वाली समीक्षा में अगले तीन महीनों के लिए नई दरों पर फैसला लिया जाएगा।
सरकारी बॉन्ड यील्ड से क्यों जुड़ी हैं ब्याज दरें?
छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दर तय करने में सरकारी बॉन्ड का यील्ड एक अहम संकेतक होता है। खासकर समान अवधि वाली सरकारी प्रतिभूतियों की यील्ड में होने वाले बदलाव पर नजर रखी जाती है।
इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के चीफ इकोनॉमिस्ट देवेंद्र कुमार पंत के अनुसार, जून के अंत से लंबी अवधि वाली सरकारी बॉन्ड यील्ड में हल्की बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें मौजूदा स्तर पर बनी रह सकती हैं या कुछ योजनाओं में सीमित बढ़ोतरी हो सकती है।
30 सितंबर को साफ होगी तस्वीर
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों को जैसा है वैसा रखती है या सरकारी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी को देखते हुए कुछ बदलाव करती है, इसपर फैसला बैठक के दौरान लिया जा सकता है।
निवेशकों के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
PPF और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी योजनाओं में लोग लंबे समय के लिए निवेश करते हैं। इसलिए ब्याज दर में छोटा सा बदलाव भी कई वर्षों में मिलने वाले कुल रिटर्न पर असर डाल सकता है।
हालांकि, सरकार की आधिकारिक घोषणा आने तक किसी भी बदलाव को पक्का नहीं माना जा सकता। 30 सितंबर को जारी होने वाली अधिसूचना से ही तय होगा कि अगले तीन महीनों में PPF, SSY, KVP और दूसरी स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स पर निवेशकों को कितनी ब्याज दर मिलेगी।
