Vande Bharat High-Speed Trial: वंदे भारत ट्रेन अपनी आधुनिक सुविधाओं और अपनी स्पीड के लिए पहचानी जाती है, लेकिन हाल ही में ट्रेन ने एक नया कमाल करते हुए 180km/h की स्पीड को टच कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। बता दें कि स्पीड टेस्टिंग के दौरान वंदे भारत चेयर कार रेक ने यह स्पीड हासिल की। यह ट्रायल रेलवे के स्पीड ट्रायल प्रोग्राम के तहत किया गया था। इससे जुड़े और कौन से टेस्ट अभी बाकी है चलिए इसके बारे में विस्तार से समझते है।
किस रूट पर किया गया ट्रायल
नई वंदे भारत चेयर कार रेक (Vande Bharat Chair Car Rake) का ट्रायल वेस्ट सेंट्रल रेलवे (WCR) के नागदा-कोटा-सवाई माधोपुर सेक्शन पर किए गया, जहां ट्रेन ने 180 kmph की स्पीड हासिल की। बता दें कि यह ट्रायल उन टेस्ट्स की सीरीज़ का हिस्सा है जिन्हें रेक को फ़ाइनल स्पीड सर्टिफ़िकेशन मिलने से पहले रिसर्च डिज़ाइन्स एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइज़ेशन (RDSO) द्वारा किया जा रहा है।
बताते चलें कि वंदे भारत चेयर कार रेक का निर्माण रायबरेली स्थिति मॉडर्न कोच फैक्ट्री में किया गया है।
क्यों किए जा रहे ये ट्रायल
वंदे भारत ट्रेन के साथ ये ट्रायल भविष्य मे ट्रेन की गति को बढ़ाने के उद्देश्य से किया जा रहा है, साथ ही राइडिंग क्वालिटी, स्थिरता और सुरक्षा से जुड़े पैरामीटर को भी परखा जा रहा है।
अभी और भी टेस्ट है बाकी
हाई स्पीड टेस्ट के तहत अभी और भी टेस्ट किए जाने बाकी है, जिनमें तीन प्रमुख है जो हाई स्पीड टेस्ट प्रोग्राम का हिस्सा है। लोडेड ऑसिलेशन टेस्ट पूरा होने के बाद रेक को अभी ऑसिलेशन ट्रायल, कपलर फोर्स ट्रायल और इमरजेंसी ब्रेकिंग ट्रायल से गुजरना होगा।
इन टेस्ट रिजल्ट का होगा अवलोकन
रेलवे के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि ट्रायल के दौरान रिकार्ड के डेटा को RDSO का टेस्टिंग डायरेक्टरेट करेगा। जिसके बाद फाइनल स्पीड सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। इस रेक में सीमेंस का प्रोपल्शन सिस्टम और नॉर-ब्रेमसे का ब्रेकिंग सिस्टम लगा है।
इमरजेंसी ब्रेकिंग की भी होगी टेस्ट
रेक कीइमरजेंसी ब्रेकिंग की परफॉरमेंस चेक करने के लिए इमरजेंसी ब्रेकिंग टेस्ट का भी ट्रायल किया जाएगा, इसके तहत इमरजेंसी ब्रेक लगाने के बाद रेक के रुकने की दूरी को भी नोट किया जाएगा।
स्पीड ट्रायल के बाद क्या है प्लान
180 kmph की स्पीड पर टेस्टिंग का यह मतलब नहीं कि ट्रेन को फाइनल स्पीड टेस्ट सर्टिफ़िकेशन मिल गया, क्योंकि अभी यह बस टेस्टिंग प्रोग्राम का एक हिस्सा है। RDSO के फाइनल टेस्ट रिजल्ट से पहले बाकी सभी प्रकार के ट्रायल किए जाएंगे। ऐसे में फाइनल रिजल्ट सर्टिफ़िकेशन तय मानक और टेक्नॉलजी एनालिसिस के सही से पूरा होने पर पूरी तरह से निर्भर करेगा।
बता दें कि देश में कई महत्वपूर्ण रूट पर वंदे भारत ट्रेनों को संचालन किया जा रहा है। साथ ही रेलवे की ओर से स्लीपर वंदे भारत ट्रेन को भी लॉन्च कर दिया गया है। ऐसे में भारतीय रेलवे अपनी इस सिग्नचर ट्रेन की गति को बढ़ाने पर तेजी से काम कर रहा है, जिसके हिस्से के रूप में यह ट्रायल किया गया।
