भारत की इकलौती आधिकारिक भाषा जिसे उल्टा लिखो या सीधा नहीं बदलता नाम? जानें यहां
भारत पूरी दुनिया में अपनी सांस्कृतिक विविधताओं के लिए प्रसिद्ध है। यहां अलग-अलग राज्यों, जिलों और शहरों में अनेक भाषाएं और बोलियां बोली जाती हैं, जो देश की समृद्ध परंपरा और बहुरंगी विरासत को दर्शाती हैं। इसी भाषाई वैभव के बीच एक ऐसी भाषा भी है, जो उल्टा या सीधा पढ़ने में समान है। खास बात यह है कि यह भाषा भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 22 आधिकारिक भाषाओं में से एक है।
भारत विविध भाषाओं का देश है। यहां सैकड़ों भाषाएं और बोलियां बोली जाती हैं, जो हमारी सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाती हैं। हिंदी, बंगाली, तमिल, उर्दू, तेलुगु, मराठी, गुजराती, कन्नड़, पंजाबी, असमिया, ओड़िया और अंग्रेज़ी जैसी अनेक भाषाएं देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रचलित हैं। आइए जानते हैं उस अनोखी भाषा के बारे में, जिसे सीधा या उल्टा लिखने पर उसका नाम नहीं बदलता।
भारत की भाषाई विविधता
भारत में 100 से अधिक प्रमुख भाषाएं और 200 से ज्यादा मातृभाषाएं बोली जाती हैं। भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में 22 भाषाओं को आधिकारिक मान्यता प्राप्त है, जो देश की भाषाई विरासत को दर्शाती हैं।
कौन सी है वह अनोखी भाषा?
भारत की 22 आधिकारिक भाषाओं में से एक मलयालम ऐसी भाषा है, जिसका नाम सीधा या उल्टा लिखने पर एक समान रहता है। “मलयालम” एक पलिंड्रोम शब्द है, यानी इसे आगे से पढ़ें या पीछे से, यह समान ही दिखाई देता है।
कहां बोली जाती है मलयालम
मलयालम मुख्य रूप से केरल राज्य की भाषा है। इसके अलावा यह लक्षद्वीप और पुडुचेरी के कुछ हिस्सों में भी बोली जाती है। देशभर में लगभग 3.7 करोड़ लोग इस भाषा का प्रयोग करते हैं।
शास्त्रीय भाषा का दर्जा भी है हासिल:
बता दें कि मलयालम को साल 2013 में भारत सरकार द्वारा शास्त्रीय भाषा का दर्जा प्रदान किया गया था। यह सम्मान उन भाषाओं को दिया जाता है, जिनकी प्राचीनता और समृद्ध साहित्यिक परंपरा का ऐतिहासिक महत्व होता है।
मलयालम भाषा का क्या है इतिहास:
मलयालम भाषा की उत्पत्ति लगभग 9वीं शताब्दी में तमिल की एक बोली के रूप में मानी जाती है। यह बाएं से दाएं लिखी जाती है। इसकी लिपि ग्रंथ लिपि से विकसित हुई है और इसे कोलेलुट्टू से भी जोड़ा जाता है।
भारत में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा:
भारत में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा हिंदी है। देश में लगभग 52 करोड़ से अधिक लोग हिंदी बोलते और समझते हैं। यह भारत की राजभाषा है तथा उत्तर और मध्य भारत में व्यापक रूप से बोली जाती है। हिंदी भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल आधिकारिक भाषाओं में विशेष स्थान रखती है।
शहर का अनोखा उदाहरण:
यदि शहरों की बात करें तो कटक (Cuttack) का नाम अंग्रेज़ी में भी आगे-पीछे से लगभग समान ध्वनि और संरचना वाला माना जाता है, जो इसे एक रोचक उदाहरण बनाता है।
इस तरह मलयालम भारत की वह खास भाषा है, जिसका नाम स्वयं में ही एक अनोखी विशेषता समेटे हुए है।
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