ज़िंदगी की असली उड़ान अभी बाकी है, ज़िंदगी के कई इम्तेहान अभी बाकी है। अभी तो नापी है मुट्ठी भर ज़मीन, अभी तो सारा आसमान बाकी है। आज यह लाइन बिहार के भागलपुर जिले की रहने वाली प्रियंका कुमारी के ऊपर एकदम सटीक बैठती है। साल 2020 में प्रिंयका ने पहले बिहार पुलिस दारोगा भर्ती परीक्षा पास की और 2022 में लखीसराय में पोस्टिंग मिल गई है। इसके बाद बीपीएससी 70वीं परीक्षा पास की और DSP का प्रतिष्ठित पद हासिल कर यह साबित कर दिया कि कड़ी मेहनत और इरादा पक्का हो तो हर सपना पूरा हो सकता है। आज हम आपको प्रियंका कुमारी की सफलता की कहानी के बारे में बताएंगे।
आखिर कौन है प्रियंका कुमारी?
प्रियंका कुमारी का जन्म बिहार के भागलपुर जिले के पीरपैंती गांव में हुआ। उनके पिता का नाम महेश रजक है, जो एक गांव में ही राशन डीलर का का काम करते हैं। घर के हालात अच्छे न होने के बावजूद पिता ने बेटी को हमेशा पढ़ाई के लिए मेटिवेट किया, जिसका रिजल्ट हम सभी के सामने हैं। पहले पुलिस दरोगा और बाद में DSP पद। यह दिखाता है कि आपको कभी एक जगह ठहरना नहीं चाहिए। तब तक भागते रहना चाहिए, जब तक आपके सपने पूरे न हो जाए।
प्रियंका कुमारी का सफर नहीं रहा आसान
प्रियंका कुमारी की पढ़ाई के बारे में बात करें, तो उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा पास के ही स्कूल से पास की और ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वह सरकारी नौकरी की तैयारी में जुट गई। हालांकि प्रियंका के लिए DSP बनना इतना आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि लखीसराय में पोस्टिंग के बाद पढ़ाई जारी रखना सबसे बड़ा संघर्ष था।
प्रियंका कुमारी आखिर कैसे बनीं DSP?
बीपीएससी से पहले उन्होंने कई मॉक इंटरव्यू दिए थे, जहां से काफी डीमोटिवेट भी हुईं। उनका कॉन्फिडेंस कम हो गया था। फिर भी उन्हें हौसला बनाए रखा। छोटी-मोटी कमियों से सीखकर अपनी रणनीति को बेहतर बनाया। अपनी पढ़ाई पर और ज्यादा फोकस किया। बिहार में DSP प्रियंका कुमारी का सफर अभी भी जारी है। वह UPSC सिविल सेवा परीक्षा क्वालीफाई करके IPS ऑफिसर बनना चाहती हैं।
