8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक पे से जुड़ी खबर पर नजर रहती है। 8वें वेतन आयोग के सामने कर्मचारी संगठनों ने न्यूनतम वेतन बढ़ाने के साथ-साथ उस फॉर्मूले को बदलने की मांग भी रखी है, जिसके आधार पर परिवार की जरूरतों और खर्च को तय किया जाता है।
मांग यह है कि सिर्फ कर्मचारी, जीवनसाथी और बच्चों को ही नहीं, बल्कि आश्रित माता-पिता को भी परिवार की गणना में शामिल किया जाए। इसी बदलाव के साथ न्यूनतम बेसिक पे को 18 हजार से बढ़ाकर 69000 रुपये करने और 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू करने का प्रस्ताव भी सामने आया है।
हालांकि, सबसे पहले यह साफ कर दें कि 69000 रुपये अभी तय बेसिक पे नहीं है। यह कर्मचारी संगठनों की ओर से रखी गई मांग है। अंतिम फैसला 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों और सरकार के निर्णय के बाद ही होगा।
अभी 3 यूनिट मानकर चलता है फॉर्मूला
न्यूनतम वेतन तय करने के लिए इस्तेमाल होने वाले मौजूदा फैमिली कंजम्प्शन मॉडल में परिवार को कुल 3 यूनिट माना जाता है। इसमें कर्मचारी के लिए 1 यूनिट, जीवनसाथी के लिए 0.8 यूनिट और दो बच्चों के लिए 1.2 यूनिट का वेटेज रखा गया है। यानी कुल मिलाकर 3 यूनिट।
यहीं कर्मचारी संगठनों को लगता है कि एक बड़ी कमी रह जाती है। यदि किसी कर्मचारी के माता-पिता उस पर निर्भर हैं, तो उनके खर्च का अलग से कोई वेटेज इस मॉडल में नहीं है।
माता-पिता को भी मिले जगह
ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) ने 8वें वेतन आयोग के सामने इसी मॉडल में बदलाव की मांग रखी है। संगठन ने 3 यूनिट की जगह एक नए फैमिली मॉडल का प्रस्ताव दिया है, जिसमें आश्रित माता-पिता को भी शामिल किया जाए।
बेसिक पे की मांग कैसे जुड़ती है?
अब सवाल आता है कि इस पूरे फॉर्मूले का 69000 बेसिक पे से क्या कनेक्शन है? कर्मचारी संगठनों की मांग है कि परिवार की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए न्यूनतम वेतन का आधार भी बदला जाए। इसी रेफरेंस में 69000 रुपये न्यूनतम बेसिक पे और 3.83 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव सामने आया है।
5 यूनिट मॉडल से क्या बदल सकता है?
इस मांग के पीछे सीधा कारण है कि आज के समय में कई कर्मचारियों की जिम्मेदारी सिर्फ अपने जीवनसाथी और बच्चों तक सीमित नहीं है। ऐसे में कर्मचारी संगठनों का कहना है कि न्यूनतम वेतन तय करते समय इन खर्चों को भी गणना में जगह मिलनी चाहिए।
क्या है प्रमुख मांगे
फिलहाल 69000 रुपये न्यूनतम बेसिक पे, 3.83 फिटमेंट फैक्टर और 5 यूनिट फैमिली मॉडल प्रमुख मांगों में शामिल है। तीनों को लेकर कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांग रखी है, लेकिन इनमें से किसी को भी अभी अंतिम रूप से लागू नहीं किया गया है।
अब सबकी नजर 8वें वेतन आयोग की आगे की प्रक्रिया और उसकी सिफारिशों पर रहेगी। उसी के बाद पता चलेगा कि कर्मचारियों की इन मांगों में से किन प्रस्तावों को जगह मिलती है।
