भारतीय क्रिकेट टीम के चयन को लेकर बीसीसीआई ने एक अहम फैसला लिया है। अब खिलाड़ियों के सेलेक्शन से जुड़ी मीटिंग्स में वीवीएस लक्ष्मण की मौजूदगी नियमित रूप से देखने को मिलेगी। बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के चीफ लक्ष्मण अब चयन बैठकों में दिखाई देने वाले हैं। बोर्ड ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है, जब भारतीय टीम लगातार खिलाड़ियों की चोट और फिटनेस से जुड़ी समस्याओं से जूझ रही है।
इस फैसले के पीछे कोई औपचारिकता नहीं, बल्कि एक बड़ी वजह है। बीसीसीआई चाहता है कि चयनकर्ताओं के पास खिलाड़ियों की फिटनेस और चोट से जुड़ी हर अपडेट समय पर पहुंचे, ताकि टीम चुनते समय किसी तरह का कम्युनिकेशन गैप न रहे।
क्यों जरूरी हुई वीवीएस लक्ष्मण की मौजूदगी?
BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने बताया कि मुंबई में हुई समीक्षा बैठक के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी। इसके बाद तय किया गया कि लक्ष्मण आगे होने वाली सेलेक्शन मीटिंग में नियमित रूप से शामिल होंगे।
सैकिया के मुताबिक, लक्ष्मण बीसीसीआई में क्रिकेट से जुड़े मामलों की अहम जिम्मेदारी संभालते हैं। वहीं, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खिलाड़ियों की चोट, फिटनेस और रिहैबिलिटेशन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी रहती है। ऐसे में उनकी मौजूदगी चयनकर्ताओं के लिए काफी उपयोगी होगी।
उन्होंने साफ किया कि यह प्रक्रिया सेलेक्शन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए नहीं है। असली उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चयनकर्ताओं को खिलाड़ियों के बारे में पूरी और सटीक जानकारी मिले, ताकि वे सही फैसला ले सकें।
खिलाड़ियों की चोट ने बढ़ाई BCCI की चिंता
पिछले कुछ समय में भारतीय टीम के कई प्रमुख खिलाड़ी चोट की वजह से मुकाबलों से बाहर रहे हैं। इससे टीम के कॉम्बिनेशन पर भी असर पड़ा है। एक सीरीज में जो खिलाड़ी उपलब्ध होते हैं, अगली सीरीज में उनमें से कुछ के चोटिल होने से टीम मैनेजमेंट को लगातार बदलाव करने पड़ रहे हैं।
बीसीसीआई सचिव ने भी माना कि खिलाड़ियों का लगातार चोटिल होना बोर्ड के लिए गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे में चयन के दौरान सिर्फ खिलाड़ी के प्रदर्शन को देखना ही काफी नहीं होगा, बल्कि उसकी फिटनेस की सही स्थिति जानना भी उतना ही जरूरी है।
2027 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखकर तैयारी
टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल भी हाल में इस समस्या पर अपनी चिंता जाहिर कर चुके हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे के बाद उन्होंने कहा था कि चोट, व्यस्त शेड्यूल और अन्य मुकाबलों के कारण से टीम अपनी पसंद की गेंदबाजी लाइनअप के साथ लगातार नहीं खेल पाई है।
गिल ने यह भी संकेत दिया कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए अब टीम के पास ज्यादा प्रयोग करने का समय नहीं है। ऐसे में भारतीय टीम जल्द से जल्द अपना मजबूत और स्थायी कॉम्बिनेशन तैयार करना चाहेगी।
वीवीएस लक्ष्मण की नियमित मौजूदगी से चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट को खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर बेहतर जानकारी मिलने की उम्मीद है। खासकर चोट से वापसी कर रहे खिलाड़ियों के चयन में यह भूमिका काफी अहम साबित हो सकती है।
