बिहार में खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और किसानों की लागत कम करने की दिशा में राज्य सरकार ने अहम कदम उठाया है। चौथे कृषि रोड मैप के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के माध्यम से कृषि ड्रोन योजना शुरू की गई है। इसके तहत राज्य के सभी 38 जिलों में ड्रोन से कीटनाशकों और तरल उर्वरकों का छिड़काव किया जाएगा। साथ ही सरकार ने किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के लिए 11.81 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की है।
2.85 लाख एकड़ फसल क्षेत्र में होगा ड्रोन का उपयोग
इस योजना के अंतर्गत राज्य के कुल 285160 एकड़ फसल क्षेत्र में कृषि ड्रोन के माध्यम से कीटनाशकों और पोषक तत्वों का छिड़काव किया जाएगा। इसमें से अब तक 24789 एकड़ क्षेत्र में छिड़काव का काम पूरा हो चुका है। सरकार का उद्देश्य किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीक पहुंचाना और खेती में समय, श्रम तथा लागत को कम करना है।
कृषि यंत्रों की खरीद पर अनुदान
वहीं किसानों को महंगे कृषि यंत्र खरीदने में राहत देने के लिए कृषि विभाग ने अनुदान का प्रावधान किया है। योजना के तहत विभिन्न कृषि यंत्रों की खरीद पर 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा।
किसान व्यक्तिगत रूप से कृषि यंत्र खरीदने के अलावा यहां बताए गए केंद्र स्थापित करके भी योजना का लाभ उठा सकते हैं। जैसे-
-कृषि यंत्र बैंक
-कस्टम हायरिंग सेंटर
-स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर
-किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर
योजना के लिए कैसे करें आवेदन
इस योजना के लिए किसान, जीविका समूह, किसान उत्पादक संगठन (FPO) और कृषक समूह ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
86 प्रकार के कृषि यंत्रों पर मिलेगा लाभ
चौथे कृषि रोड मैप के तहत सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना में जिले को 2752 कृषि यंत्रों का लक्ष्य मिला है। इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रकार के कृषि केंद्र स्थापित करने का भी प्रावधान किया गया है।
किसान ड्रोन सेंटर के लिए भी मदद
किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने के लिए कृषि स्नातकों और गैर-कृषि स्नातकों को अलग-अलग अनुदान दिया जाएगा।
-लाभार्थी अनुदान अधिकतम राशि
-कृषि स्नातक लागत का 50% 5 लाख रुपये
-गैर-कृषि स्नातक लागत का 40% 4 लाख रुपये
ऑनलाइन लॉटरी से होगा चयन
योजना के लाभुकों का चयन ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। चयनित लाभुकों को परमिट मिलने के 15 दिनों के भीतर संबंधित कृषि यंत्र खरीदना अनिवार्य होगा। बता दें कि कृषि यंत्रों की खरीद केवल कृषि विभाग के पोर्टल पर सूचीबद्ध विक्रेताओं से ही करनी होगी।
पहले करना होगा पूरा भुगतान
कृषि यंत्र खरीदते समय किसान को पहले पूरी राशि का भुगतान करना होगा। इसके बाद निर्धारित अनुदान की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से सीधे किसान के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
डीबीटी पोर्टल से कर सकेंगे आवेदन
कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर रजिस्टर किसान अनुदानित दरों पर कृषि ड्रोन और अन्य कृषि यंत्रों से जुड़ी सेवाओं का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योजना से संबंधित आवेदन, पात्रता और अन्य जानकारी विभागीय पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी।
