Census 2027: जाति, धर्म, नौकरी और बैंक डिटेल तक! जानिए जनगणना में कौन-कौन से सवाल पूछे जाएंगे

जनगणना 2027 में लोगों से 40 सवाल पूछे जाएंगे, सबसे बड़ा बदलाव यह है कि आजादी के बाद पहली बार सभी समुदायों की जातियों से जुड़ी जानकारी व्यापक तौर पर जुटाई जाएगी।

Aug 23, 2026, 09:37 IST
व्यक्तिगत जानकारी रहेगी गोपनीय
व्यक्तिगत जानकारी रहेगी गोपनीय

Census 2027: भारत में अब जनगणना सिर्फ लोगों की गिनती तक सीमित नहीं रहने वाली है। जनगणना 2027 में लोगों से 40 सवाल पूछे जाएंगे, जिनके जरिए देश की आबादी की शिक्षा, रोजगार, धर्म, जाति, भाषा, पलायन और आर्थिक स्थिति की तस्वीर सामने आएगी। बता दें कि सरकार ने जनगणना 2027 के लिए 11718.24 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है।

सबसे बड़ा बदलाव यह है कि आजादी के बाद पहली बार सभी समुदायों की जातियों से जुड़ी जानकारी व्यापक तौर पर जुटाई जाएगी। इतना ही नहीं, यह देश की पहली डिजिटल जनगणना भी होगी। 

जनगणना में पूछे जाएंगे 40 सवाल

जनगणना 2027 के दौरान लोगों से कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे। इनमें नाम, उम्र, जन्मतिथि, लिंग, वैवाहिक स्थिति और परिवार में व्यक्ति के संबंध जैसी सामान्य डिटेल के साथ-साथ धर्म, जाति, नागरिकता और दिव्यांगता से जुड़े सवाल भी होंगे।

यानी इस बार जनगणना सिर्फ यह जानने तक सीमित नहीं होगी कि देश में कितने लोग रहते हैं, बल्कि लोगों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति की भी विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी।

पहली बार सभी जातियों की होगी गिनती

जनगणना 2027 की सबसे खास बात जातिगत गणना है। हाउसहोल्ड शेड्यूल में पूछा जाएगा कि व्यक्ति अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) या किसी अन्य जाति से संबंधित है।

आजादी के बाद की जनगणनाओं में SC और ST की जानकारी जुटाई जाती रही है, लेकिन सभी जातियों की व्यापक गिनती नियमित जनगणना का हिस्सा नहीं रही। अप्रैल 2025 में केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 में जातिगत गणना शामिल करने का फैसला किया था।

पढ़ाई और नौकरी से भी जुड़े होंगे सवाल

जनगणना के दौरान यह भी पूछा जाएगा कि व्यक्ति कितना पढ़ा-लिखा है, वह पढ़ाई कर रहा है या नहीं और उसने किस स्तर तक शिक्षा हासिल की है। साक्षरता और डिजिटल साक्षरता से जुड़ी जानकारी भी ली जाएगी।

इसके अलावा रोजगार को लेकर भी कई सवाल होंगे। व्यक्ति ने पिछले एक साल में काम किया या नहीं, उसका पेशा क्या है, वह किस उद्योग या सेवा क्षेत्र से जुड़े सवाल भी किये जायेंगे।

कौन कहां से आया, यह भी पता चलेगा

देश में लोगों के पलायन की तस्वीर समझने के लिए इस बार कई सवाल शामिल किए गए हैं। व्यक्ति का जन्मस्थान, आखिरी निवास स्थान, वर्तमान गांव या शहर में रहने की अवधि और पलायन की वजह पूछी जाएगी।

आधार, मोबाइल और बैंक खाते की डिटेल भी बताना होगा 

जनगणना 2027 के दौरान कुछ महत्वपूर्ण व्यक्तिगत जानकारियां भी दर्ज की जाएंगी। इनमें मोबाइल नंबर, आधार नंबर, वोटर आईडी, भारतीय पासपोर्ट नंबर और ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े सवाल शामिल हैं।

इसके अलावा व्यक्ति के पास कितने बैंक खाते हैं और COVID-19 वैक्सीनेशन कहां हुआ था, इसकी जानकारी भी पूछी जाएगी।

व्यक्तिगत जानकारी रहेगी गोपनीय 

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान दी गई व्यक्तिगत जानकारी गोपनीय रहेगी। Census Act, 1948 के तहत ऐसी जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता और इसे अदालत में सबूत के तौर पर इस्तेमाल करने पर भी रोक है।

पहली डिजिटल जनगणना, दो चरणों में होगा काम

बता दें कि जनगणना 2027 देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी। यानी डेटा जुटाने का काम डिजिटल माध्यमों से किया जाएगा। लोगों को खुद अपनी जानकारी दर्ज करने के लिए Self-Enumeration की सुविधा भी मिलेगी।

जनगणना दो चरणों में होगी। पहले चरण में अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच घरों की गिनती का काम कराया जा रहा है।

इसके बाद फरवरी 2027 में सामान्य क्षेत्रों में की जाएगी। हालांकि लद्दाख और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड के बर्फीले क्षेत्रों में यह चरण 1 से 30 सितंबर 2026 के बीच होगा।

Bagesh Yadav

Senior Executive - Editorial

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