भारतीय नोटों पर छपे आप गांधी जी के फोटो और कुछ प्रमुख प्रतीक चिह्नों से वाकिफ ही होंगे। इनका उपयोग बहुत ही बारीक प्रिटिंग से किया गया होता है। इन सभी के साथ-साथ नोटों पर अलग-अलग प्रकार की भाषाएं लिखी होती हैं। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि एक भारतीय नोट पर कुल कितनी भाषाएं लिखी होती हैं? यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
भारतीय मुद्रा नोट पर कितनी भाषाएं होती हैं
एक भारतीय मुद्रा नोट पर कुल 17 भाषाएं लिखी होती हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी किए जाने वाले सभी कागजी नोटों पर देश की भाषाई विविधता को दर्शाने के लिए इन भाषाओं को शामिल किया जाता है।
नोट के दो अलग-अलग हिस्सों में होती है भाषा
नोट पर कुल 17 भाषाओं को दो अलग-अलग हिस्सों में बांटा जाता है। इनमें मुख्य भाग पर 2 प्रमुख भाषाएं होती हैं, जो कि प्रमुखता से दिखाई देती हैं। ये भाषाएं इस प्रकार हैंः
-हिंदी जैसे: ‘भारतीय रिजर्व बैंक’ और ‘पांच सौ रुपये’
-अंग्रेजी जैसे: ‘Reserve Bank of India’ और ‘Five Hundred Rupees’
भाषा पैनल पर 15 अन्य भाषाएं होती हैं
नोट के पीछे वाले हिस्से पर एक विशेष बॉक्स या भाषा पैनलबना होता है। इसमें देश की 15 मान्यता प्राप्त क्षेत्रीय भाषाएं लिखी होती हैं।
ये 15 भाषाएं वर्णमाला के अनुसार लिखी जाती हैं:
-असमिया
-बंगाली
-गुजराती
-कन्नड़
-कश्मीरी
-कोंकणी
-मलयालम
-मराठी
-नेपाली
-उड़िया
-पंजाबी
-संस्कृत
-तमिल
-तेलुगु
-उर्दू
22 भाषाओं में से कुल 15 भाषा शामिल
भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में कुल 22 आधिकारिक भाषाओं को मान्यता प्राप्त है। इनमें से 15 भाषाओं को नोट के भाषा पैनल में स्थान दिया गया है, जबकि हिंदी और अंग्रेजी मिलाकर एक नोट पर कुल 17 भाषाओं में उसका मूल्य लिखा होता है।
नोट का कागज और सिक्के कहां बनते हैं
नोट छापने के लिए जिस कॉटन बेस्ड विशेष कागज का इस्तेमाल होता है, उसका निर्माण मुख्य रूप से मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम की 'सिक्योरिटी पेपर मिल' में किया जाता है। वहीं, सिक्के भारत सरकार द्वारा 4 टकसालों में ढाले जाते हैं, जिनमें मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, और नोएडा शामिल है।
