भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। इस कड़ी में भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में संसद के दो सदन हैं, जिसमें एक लोकसभा और दूसरा राज्यसभा है। देश के अलग-अलग राज्यों विभिन्न राज्यसभा सीटें हैं। इस कड़ी में क्या आप जानते हैं कि भारत के किन राज्यों में राज्यसभा की सिर्फ 1 सीटे है? यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
क्या होती है राज्यसभा
राज्यसभा संसद का ऊपरी सदन होता है, जिसे कभी भंग नहीं किया जा सकता है। राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से होता है। विधानसभा सदस्य राज्यससभा के सदस्यों को चुनते हैं। वहीं, इन सदस्यों का कार्यकाल 6 साल का होता है, जिनमें प्रत्येक वर्ष दो-तिहाई सीटें खाली होती हैं।
किन-किन राज्यों में हैं 1 राज्यसभा सीट
भारत के कुल 8 राज्यों में सिर्फ 1 राज्यसभा सीट है। इनमें 7 राज्य पूर्वोत्तर भारत के हैं, जबकि एक राज्य दक्षिण-पश्चिम का है, जो कि इस प्रकार हैंः
सिक्किम
गोवा
मणिपुर
त्रिपुरा
मेघालय
मिजोरम
नागालैंड
अरूणाचल प्रदेश
क्यों है सिर्फ एक सीट
अमेरिका की सीनेट में राज्यों को कम से कम 2 सीटें दी गई हैं, जबकि भारत में कुछ राज्यों में राज्यसभा की सिर्फ 1 सीट है। हालांकि, भारत में राज्यसभा सीटों का बंटवारा जनसंख्या के आधार पर किया गया है। ऐसे में यह कम आबादी वाले राज्य हैं, जिनमें कम से कम एक राज्यसभा सीट सुनिश्चित की गई है। इन राज्यों में जनसंख्या कम है, लेकिन यहां के जनप्रतिनिधियों को भी अपनी आवाज उठाने का मौका मिल सके। इस वजह से यहां एक सीट दी गई है।
इस केंद्र शासित प्रदेश में है सिर्फ 1 राज्यसभा सीट
आपको बता दें कि राज्यों के अलावा भारत में एक केंद्र शासित प्रदेश ऐसा भी है, जहां राज्यसभा सीट सिर्फ एक ही है। यह प्रदेश पुडुचेरी है। हालांकि, यहां विधानसभा सीटों की संख्या 30 है। आपको बता दें कि यहां पर विधानसभा प्रणाली है, जिस वजह से यहां पर एक राज्यसभा सीट है। जिन केंद्र शासित प्रदेशों में विधानसभा नहीं है, वहां पर एक भी राज्यसभा सीट नहीं है। ऐसे में पुडुचेरी इकलौता 1 राज्यसभा सीट वाला केंद्र शासित प्रदेश भी है।
