देश की रक्षा के लिए अपना सबकुछ न्योछावर करने वाले वीर सैनिकों के सम्मान में रक्षा मंत्रालय ने एक अहम फैसला लिया है। सेना मेडल, नौ सेना मेडल और वायु सेना मेडल (गैलेंट्री) से सम्मानित वीरता पदक विजेताओं को अब भारतीय रेल में आजीवन मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। खास बात यह है कि इस सुविधा का लाभ पात्र जीवनसाथी और अविवाहित बलिदानी पदक विजेताओं के माता-पिता को भी दिया जाएगा। यानी यह पहल केवल वीर जवानों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके परिवारों को भी सम्मान और सुविधा से जोड़ती है।
किन वीरता पदक विजेताओं को मिलेगा लाभ?
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, सेना मेडल, नौ सेना मेडल और वायु सेना मेडल (गैलेंट्री) से सम्मानित पात्र वीरता पदक विजेताओं को भारतीय रेलवे में मुफ्त यात्रा की सुविधा प्रदान की जाएगी। इस सुविधा के तहत पात्र लाभार्थी फर्स्ट क्लास, सेकेंड एसी और एसी चेयर कार में यात्रा कर सकेंगे।
जीवनसाथी और माता-पिता भी होंगे पात्र
इस योजना का दायरा वीरता पदक विजेताओं के परिवार तक भी रखा गया है। पात्र जीवनसाथी को भी इस सुविधा का लाभ मिलेगा। साथ ही विधवा या विधुर जीवनसाथी को यह सुविधा पुनर्विवाह तक उपलब्ध रहेगी। वहीं, अविवाहित बलिदानी पदक विजेताओं के माता-पिता को भी इस सुविधा में शामिल किया गया है।
1 नवंबर 2026 से शुरू होगी ऑनलाइन टिकट बुकिंग
इस सुविधा को लागू करने के लिए रक्षा मंत्रालय ने डिजिटल और पेपरलेस प्रक्रिया तैयार की है। सेना के एडीजीपीआई की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, पात्र लाभार्थियों को अब दस्तावेजी प्रक्रिया के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी।
लाभार्थी इंडियन रेलवे कन्सेशन कार्ड पोर्टल पर (irccp.indianrail.gov.in/IRCCP) ऑनलाइन रजिस्टर कर सकेंगे। पंजीकरण के बाद पात्रता का सत्यापन और प्रमाणीकरण किया जाएगा। प्रक्रिया पूरी होने पर ऑनलाइन इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल पास यानी ई-पास जारी किया जाएगा। इसके आधार पर 1 नवंबर 2026 से IRCTC वेब पोर्टल के जरिए टिकट बुकिंग की सुविधा शुरू होगी।
पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल और पेपरलेस
रक्षा मंत्रालय ने इस सुविधा का लाभ लेने की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से लेकर वेरीफिकेशन और e-पास जारी करने तक पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी की जाएगी। इससे पात्र लाभार्थियों को कागजी औपचारिकताओं और अनावश्यक कार्यालयी प्रक्रिया से राहत मिलेगी।
वीर सैनिकों और परिवारों के सम्मान की दिशा में कदम
रक्षा मंत्रालय की यह पहल देश की रक्षा में अदम्य साहस दिखाने वाले वीरता पदक विजेताओं और उनके परिवारों के प्रति सम्मान से जुड़ी है। खासतौर पर सैन्य परंपरा वाले शहरों और बड़ी संख्या में सैन्य परिवारों वाले क्षेत्रों में इस सुविधा का महत्व और बढ़ जाता है।
