भारतीय रेलवे को देश की लाइफलाइन कहा जाता है। इसका विस्तार भारत के अलग-अलग राज्यों में है, जिसमें से एक प्रमुख राज्य उत्तर प्रदेश है। यूपी में रेलवे का सबसे बड़ा नेटवर्क है, जो कि 9000 किलोमीटर से अधिक है। ऐसे में यहां अलग-अलग जिलों में हमें कई बड़े-बड़े रेलवे जंक्शन देखने को मिलते हैं, जहां से अलग-अलग दिशाओं की ट्रेनें मिलती हैं। इस कड़ी में क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश में एक रेलवे जंक्शन ऐसा भी है, जहां से 7 दिशाओं के लिए ट्रेनें मिल जाती हैं। कौन-सा है यह रेलवे जंक्शन, जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें।
यूपी के इस जंक्शन से मिलती हैं 7 दिशाओं की ट्रेनें
उत्तर प्रदेश का मथुरा जंक्शन भारतीय रेलवे के सबसे महत्त्वपूर्ण और अनोखे रेलवे स्टेशनों में से एक है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां से 7 अलग-अलग रेल रूट निकलते हैं, जो इसे भारत का सबसे अधिक दिशाओं वाला जंक्शन बनाते हैं। दिल्ली से आने वाली ट्रेनें मथुरा पहुंचकर ही देश के दक्षिणी, पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के लिए रूट पकड़ती हैं।
मथुरा जंक्शन से निकलने वाले 7 प्रमुख रेल मार्ग
मथुरा रेलवे जंक्शन से अलग-अलग दिशाओं की ट्रेनें मिलती हैं, जो कि इस प्रकार हैंः
उत्तर दिशा (दिल्ली मार्ग)
रूट: मथुरा-पलवल-नई दिल्ली / हजरत निजामुद्दीन
महत्व: यह भारत का सबसे व्यस्त रेलवे कॉरिडोर है, जो राजधानी दिल्ली को दक्षिण और पश्चिम भारत से जोड़ता है।
दक्षिण-पूर्व दिशा (आगरा-चेन्नई मार्ग)
रूट: मथुरा - आगरा कैंट - ग्वालियर - झांसी - भोपाल - नागपुर - चेन्नई / हैदराबाद
महत्व: यह नई दिल्ली-चेन्नई मुख्य रेलमार्ग का हिस्सा है, जो उत्तर भारत को दक्षिण भारत से जोड़ता है।
दक्षिण-पश्चिम दिशा (कोटा-मुंबई मार्ग)
रूट: मथुरा -भरतपुर - सवाई माधोपुर - कोटा - वडोदरा - मुंबई सेंट्रल
महत्व: यह प्रसिद्ध नई दिल्ली-मुंबई मेन लाइन का प्रमुख मार्ग है।
पूर्व दिशा (कासगंज-कानपुर मार्ग)
रूट: मथुरा-मथुरा कैंट - हाथरस - कासगंज - फर्रुखाबाद -कानपुर
महत्व: यह मार्ग उत्तर प्रदेश के अंदरूनी जिलों और पूर्वोत्तर भारत की ओर कनेक्टिविटी प्रदान करता है।
पश्चिम दिशा (अलवर-जयपुर मार्ग)
रूट: मथुरा-गोवर्धन-डीग-अलवर - जयपुर
महत्व: यह मार्ग उत्तर प्रदेश को राजस्थान के शेखावाटी और उत्तरी-पश्चिमी हिस्से से जोड़ता है।
दक्षिण-पश्चिम दिशा (अछनेरा-जयपुर लाइन)
रूट: मथुरा-भैंसा-अछनेरा जंक्शन-भरतपुर/बांदीकुई
महत्व: यह अछनेरा के रास्ते आगरा और राजस्थान को जोड़ने वाला एक ऑप्शनल मुख्य रूट है।
उत्तर-पूर्व शाखा लाइन (वृंदावन/मसानी मार्ग)
रूट: मथुरा-मसानी-वृंदावन
महत्व: यह 11 किलोमीटर की छोटी ब्रांच लाइन है, जो मुख्य रूप से तीर्थयात्रियों के लिए मथुरा और श्री कृष्ण से जुड़ी वृंदावन के बीच रेल सेवा प्रदान करती है।
