एशिया का नक्शा उठाकर देखें, तो यहां हमें कुल 48 देश देखने को मिलते हैं। इनमें 47 देश संयुक्त राष्ट्र के सदस्य हैं, तो एक गैर-सदस्य पर्यवेक्षक देश फिलिस्तिन है। आपने एशिया के अन्य देशों के बारे में भी पढ़ा और सुना होगा। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि एशिया का सबसे छोटा देश कौन-सा है, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
एशिया का सबसे छोटा देश
एशिया का सबसे छोटा देश मालदीव है। क्षेत्रफल और जनसंख्या, दोनों ही पैमानों पर यह एशिया का सबसे छोटा आजाद देश है। हिंद महासागर में स्थित यह खूबसूरत द्वीपीय देश अपनी अनोखी भौगोलिक संरचना, शांत नीले पानी और विश्वस्तरीय पर्यटन के लिए जाना जाता है।
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मालदीव की भौगोलिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विशेषता
मालदीव भारत के दक्षिण-पश्चिम में और श्रीलंका से लगभग 750 किलोमीटर दूर हिंद महासागर में स्थित है। इसका कुल भूमि क्षेत्रफल मात्र 298 वर्ग किलोमीटर है। यह देश 26 प्रवाल भित्तियों की एक लंबी लाइन से बना है, जिसमें लगभग 1,192 छोटे-छोटे मूंगा द्वीप शामिल हैं।
इन 1,192 द्वीपों में से केवल 200 के आसपास द्वीपों पर ही मानव बस्तियां हैं, जबकि बाकी द्वीपों का उपयोग लक्जरी रिसॉर्ट्स, कृषि या उद्योगों के लिए किया जाता है। देश की राजधानी माले है, जो न केवल मालदीव का सबसे बड़ा शहर है, बल्कि दुनिया के सबसे घनी आबादी वाले शहरों में से एक है।
कितनी है मालदीव की जनसंख्या
लगभग 5 लाख की आबादी के साथ मालदीव एशिया का सबसे कम आबादी वाला देश भी है। यह एक 100 फीसदी इस्लामी राष्ट्र है। संविधान के अनुसार, देश के सभी नागरिकों का मुस्लिम होना अनिवार्य है और किसी गैर-मुस्लिम को यहां की नागरिकता नहीं मिल सकती। यहां की आधिकारिक भाषा 'धिवेही' है, लेकिन पर्यटन के व्यापक प्रभाव के कारण अंग्रेजी भी प्रमुखता से बोली जाती है।
मालदीव की अर्थव्यवस्था
मालदीव की अर्थव्यवस्था का सबसे मुख्य स्तंभ पर्यटन है। इसके सफेद रेतीले तट, क्रिस्टल क्लीयर लैगून और पानी के ऊपर बने विला इसे दुनिया भर के पर्यटकों के लिए एक प्रमुख पर्यटन प्वाइंट बनाते हैं। पर्यटन के बाद मत्स्य पालन यहां का दूसरा सबसे बड़ा उद्योग है।
