प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में भारत के ‘आधार मैन’ कहे जाने वाले नंदन नीलेकणि को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके नेतृत्व में एग्जाम रिफॉर्म्स के लिए एक हाई पावर टास्क फोर्स का गठन किया गया है।
नीलेकणि आईटी क्षेत्र के दिग्गज हैं, जो कि देश की प्रसिद्ध आईटी कंपनी इंफोसिस के सह-संस्थापक भी हैं। इसके साथ ही उनके नाम पर अथाह संपत्ति है, जिस वजह से उनका नाम फोर्ब्स की लिस्ट में भी आता है। इस लेख में हम उनकी कुल संपत्ति और उनके बारे में विस्तार से जानेंगे।
कितनी संपत्ति के मालिक हैं नीलेकणि
फोर्ब्स की लिस्ट के मुताबिक, 26 जुलाई, 2026 तक नंदन नीलेकणि के पास कुल नेटवर्थ 2.4 अरब डॉलर यानि कि करीब 23, 176 करोड़ रुपये दर्ज की गई है। ऐसे में वह भारत के सबसे अमीर लोगों में गिने जाते हैं। इस संपत्ति में उनका अधिकांश भाग इंफोसिस के सह-संस्थापक के तौर पर है। इसके साथ ही उन्होंने कुछ स्टार्टअप कंपनियों में भी निवेश किया है।
2017 से इंफोसिस के हैं नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन
नंदन नीलेकणि की पहचान इंफोसिस के को-फाउंडर के रूप में होती है। हालांकि, उन्होंने 2009 में कंपनी को छोड़ दिया था, लेकिन 2017 में कंपनी में हुए बड़े बदलावों और सीईओ द्वारा अचानक इस्तीफा देने के बाद उन्हें कंपनी में वापस लाया गया था। फोर्ब्स के मुताबिक, वह 2017 से इंफोसिस के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन हैं।
IIT Bombay को दान किये थे 3.8 करोड़ रुपये
नंदल नीलेकणि ने अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई आईआईटी बांबे से ही की है। उन्होंने यहां रिसर्च और इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करने के लिए 3.8 करोड़ रुपये दान किये थे। वह इसके अलावा भी कई जगहों पर रुपये दान कर चुके हैं।
2014 में लड़ा था लोकसभा चुनाव
नंदन नीलेकणि ने साल 2014 में कांग्रेस से टिकट लेकर बंगलुरू में चुनाव लड़ा था, लेकिन इस चुनाव में उन्हें बीजेपी के उम्मीदवार से हार का सामना करना पड़ा था। उन्हें करीब 37 फीसदी ही वोट मिले थे। आपको बता दें कि भारत में आधार को शुरू करने का श्रेय नंदन नीलेकणि को ही जाता है। उन्होंने ही मनमोहन सरकार में 12 अंकों वाले आधार कार्ड को लांच किया था।
