UP Voter List: उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। पीलीभीत में करीब 13 हजार वोटों से जुड़ी अनियमितताओं के खुलासे के बाद अब इसका असर पूरे प्रदेश में देखने को मिल रहा है।
चुनाव आयोग ने प्रदेश के सभी वोटर रजिस्ट्रेशन केंद्रों पर काम करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटरों की लॉग-इन ID डीएक्टिवेट करने का फैसला लिया है। यानी अब ऑपरेटर अपनी ID के जरिए ECINET पोर्टल पर वोटर लिस्ट से जुड़ा कोई काम नहीं कर सकेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने इस संबंध में सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
पूरे प्रदेश में डीएक्टिवेट होंगी ऑपरेटरों की ID
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने निर्देश दिया है कि सभी जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारी (DM) अपने अधीन आने वाले निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) को जरूरी कार्रवाई के लिए कहें। इसके तहत प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में वोटर रजिस्ट्रेशन सेंटर पर तैनात ऑपरेटरों की लॉग-इन ID बंद कराई जाएगी।
इस फैसले के बाद कोई भी कंप्यूटर ऑपरेटर अपनी ID से ECINET पोर्टल पर मतदाता रजिस्ट्रेशन या लिस्ट से संबंधित गतिविधियां नहीं कर पाएगा। आयोग का मानना है कि इस कदम से लॉग-इन आईडी के गलत इस्तेमाल की आशंका को रोका जा सकेगा और मतदाता डेटा की सुरक्षा मजबूत होगी।
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क्यों लिया गया यह बड़ा एक्शन
दरअसल, पीलीभीत में वोटर लिस्ट की जांच के दौरान कई गंभीर गड़बड़ियां सामने आई थीं। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि एक वोटर के EPIC नंबर यानी वोटर ID नंबर पर किसी दूसरे व्यक्ति का डिटेल्स दिखाई दे रहा था।
जांच में कंप्यूटर सहायकों की लॉग-इन ID के दुरुपयोग की बात सामने आई। इसी को देखते हुए चुनाव आयोग ने केवल पीलीभीत तक कार्रवाई सीमित रखने के बजाय पूरे प्रदेश में ऑपरेटरों की आईडी डीएक्टिवेट करने का फैसला किया है।
पीलीभीत में कंप्यूटर ऑपरेटर की सेवा होगी समाप्त
इस मामले में कार्रवाई करते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने विधानसभा क्षेत्र 127-पीलीभीत में संलिप्त कंप्यूटर सहायक (आउटसोर्स) की सेवा समाप्त करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए संबंधित फर्म को तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है।
नवदीप रिणवा ने साफ किया है कि वोटर लिस्ट से जुड़े कामों में पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दोनों एसडीएम भी किए गए प्रतीक्षारत
बता दें कि पीलीभीत वोटर लिस्ट विवाद में प्रशासनिक अधिकारियों पर भी कार्रवाई हुई है। मामले में हटाए गए दोनों उपजिलाधिकारी (PCS) हेमंत कुमार चौधरी और मयंक गोस्वामी को प्रतीक्षारत कर दिया गया है।
30 अक्टूबर को जारी ट्रांसफर लिस्ट में दोनों अधिकारियों को लखनऊ में तैनाती दी गई थी। हालांकि, इस फैसले पर सवाल उठने के बाद अब उन्हें प्रतीक्षारत कर दिया गया है। गौरतलब है कि वोटर लिस्ट में करीब 13 हजार वोटों से जुड़ी गड़बड़ियों के मामले में दोनों अधिकारियों के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है।
