भारत 15 अगस्त को अपनी आजादी का जश्न मनाता है। इस कड़ी में पूरे देश में धूमधाम से स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। हालांकि, इस कड़ी में देश में एक ऐसा स्थान भी है, जहां 15 नहीं, बल्कि 16 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। क्या है इसके पीछे का कारण, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
कहां 16 अगस्त को मनाया जाता है स्वतंत्रता दिवस
भारत में पुडुचेरी, जो कि एक केंद्र शासित प्रदेश भी है, यहां 16 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। इसे पुडुचेरी का 'डी ज्यूर ट्रांसफर डे'या 'कानूनी स्वतंत्रता दिवस' भी कहा जाता है।
16 अगस्त को क्यों मनाया जाता है स्वतंत्रता दिवस
अब सवाल है कि आखिर 16 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस क्यों मनाया जाता है ? दरअसल, भारत को अंग्रेजों से आजादी 15 अगस्त 1947 को मिल गई थी, लेकिन पुडुचेरी, कराइकल, माहे और यनम उस समय स्वतंत्र भारत का हिस्सा नहीं बने थे। उन पर अंग्रेजों का नहीं, बल्कि फ्रांसीसी शासनथा।
ऐसे में लंबे आंदोलनों और स्वतंत्रता सेनानियों के दबाव के बाद 1 नवंबर 1954 को फ्रांसीसियों ने पुडुचेरी का प्रशासनिक नियंत्रण भारत सरकार को सौंप दिया था। यही वजह है कि 1 नवंबर को पुडुचेरी में पुडुचेरी मुक्ति दिवस मनाया जाता है।
कानूनी आजादी दिवस
फ्रांस ने बेशक भारत सरकार को पुडुचेरी का प्रशासन सौंप दिया था, लेकिन फ्रांस की संसद ने भारत को पुडुचेरी सौंपने की संधि (Treaty of Cession) को पारित करने में कई साल लगा दिए। ऐसे में 16 अगस्त 1962को फ्रांस की संसद ने इस संधि पर अंतिम रूप से मुहर लगाई और आधिकारिक व कानूनी रूप से पुडुचेरी भारत का हिस्सा बन गया। यही कारण है कि पुडुचेरी 16 अगस्त को अपनी कानूनी स्वतंत्रता का दिन मानता है।
16 अगस्त को कैसे मनाया जाता है यह दिन?
पुडुचेरी में 16 अगस्त को आधिकारिक सरकारी छुट्टी होती है। इस दिन कीजूर गांव में मुख्य समारोह आयोजि किया जाता है, जिसमें ध्वजारोहण किया जाता है। आपको बता दें कि कीजूर वही जगह है, जहां 1954 में हुए जनमत संग्रह में 178 में से 170 निर्वाचित प्रतिनिधियों ने भारत में शामिल होने के पक्ष में मतदान किया था।
