देश की आजादी का दिन यानि कि 15 अगस्त की वह सुबह जब पूरे देश ने आजाद हवा में सांस ली थी। हर साल इस मौके पर दिल्ली के लाल किले पर प्रधानमंत्री द्वारा तिरंगा झंडा फहराया जाता है। साथ ही, पीएम पूरे देश को संबोधित करते हैं। हालांकि, जिस प्रकार राष्ट्रीय स्तर पर यह अधिकार पीएम के पास होता है, ठीक वैसे ही राज्यों, राजधानियों, जिला, ब्लॉक और स्कूल व कॉलेजों में भी यह जिम्मेदारी तय होती है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे।
राज्यों में मुख्यमंत्री फहराते हैं झंडे
जिस तरह स्वतंत्रता दिवस पर देश के स्तर पर प्रधानमंत्री दिल्ली के लाल किले से ध्वजारोहण करते हैं, ठीक उसी तरह सभी राज्यों की राजधानियों में संबंधित राज्य के मुख्यमंत्री मुख्य ध्वजारोहण समारोह को लीड करने के साथ राज्य की जनता को संबोधित करते हैं। आपको बता दें कि 1974 से पहले राज्यों में 15 अगस्त को राज्यपाल ही ध्वजारोहण करते थे, लेकिन तमिलनाडू के तत्कालीन मुख्यमंत्री एम. करूणानिधि के प्रयासों के बाद यह व्यवस्था बदल दी गई।
केंद्र शासित प्रदेशों में उपराज्यपाल की जिम्मेदारी
भारत के जिन केंद्र शासित प्रदेशों में मुख्यमंत्रियों का पद नहीं है या फिर जिन यूटी को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं है, जैसे लद्दाख, अंडमान-निकोबार, चंडीगढ़ आदि, वहां उपराज्यपाल या प्रशासक ही 15 अगस्त को आधिकारिक ध्वजारोहण करते हैं। हालांकि, दिल्ली और पुडुचेरी में विधानसभा होने की वजह से यहां यह जिम्मेदारी मुख्यमंत्री निभाते हैं।
जिला और स्थानीय स्तर पर कौन है जिम्मेदार
आपको बता दें कि जिला स्तर पर जिलाधिकारी या राज्य सरकार द्वारा नामित मंत्री जिला मुख्यालय में तिरंगा फहरा सकता है।
ब्लॉक स्तर पर कौन है जिम्मेदार
ब्लॉक व नगर निगम के स्तर पर महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष या ब्लॉक प्रमुख द्वारा अपने-अपने प्रशासनिक कार्यालयों में ध्वजारोहण किया जाता है। वहीं, पंचायत स्तर पर ग्राम प्रधान या सरपंच अपनी ग्राम पंचायतों में तिरंगा फहराते हैं।
संवैधानिक संस्थानों और कार्यालयों में विभाग प्रमुख जिम्मेदार
आपको बता दें कि 15 अगस्त के दिन सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों के प्रमुख अपने परिसरों में झंडा फहराते हैं:
संसद भवन-लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के उपसभापति
-सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट-भारत के मुख्य न्यायाधीश और राज्यों के मुख्य न्यायाधीश
-सशस्त्र बल एवं पुलिस: थल सेना, नौसेना, वायु सेना के प्रमुख अपने मुख्यालयों में और DGP/पुलिस कप्तान अपने कार्यालयों व लाइनों में।
-शैक्षणिक संस्थान: विश्वविद्यालयों के कुलपति, कॉलेजों और स्कूलों के प्रधानाचार्य।
-विदेशों में-भारतीय राजदूत
ध्वज संहिता (Flag Code of India) 2002 के तहत, भारत के प्रत्येक नागरिक को अपने घर, दुकान, निजी कार्यालय या संस्थान पर पूरे सम्मान और नियमों के पालन के साथ 15 अगस्त को तिरंगा फहराने का पूरा अधिकार है।
