भारत ने पहली बार यूरोप भेजा GI-टैग्ड जोहा राइस, किस राज्य से है कनेक्शन और क्यों है फेमस?
भारत ने असम के GI-टैग प्राप्त जोहा चावल (Joha Rice) की पहली खेप यूनाइटेड किंगडम और इटली को निर्यात की है। जोहा चावल असम की पारंपरिक सुगंधित चावल की किस्म है, जो अपनी खास खुशबू, महीन दाने और बेहतरीन स्वाद के लिए जानी जाती है। इस चावल को वर्ष 2017 में भौगोलिक संकेतक (GI) टैग मिला था।
भारत ने पहली बार GI-टैग्ड जोहा चावल (Joha Rice) की 25 मीट्रिक टन खेप यूरोप के यूनाइटेड किंगडम और इटली को निर्यात की है। असम में उगाए जाने वाला यह सुगंधित पारंपरिक चावल अपनी खुशबू और स्वाद के लिए प्रसिद्ध है। इस पहल से किसानों की आय बढ़ने और वैश्विक बाजार में पहचान मजबूत होने की उम्मीद है।
ब्रिटेन और इटली को पहली खेप निर्यात
भारत ने असम के GI-टैग प्राप्त जोहा चावल (Joha Rice) की पहली खेप यूनाइटेड किंगडम और इटली को निर्यात की है। 25 मीट्रिक टन की यह खेप 12 मार्च को भेजी गई, जिसे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने असम सरकार के कृषि विभाग के सहयोग से संभव बनाया।
खुशबू और स्वाद के लिए प्रसिद्ध जोहा चावल
जोहा चावल असम की पारंपरिक सुगंधित चावल की किस्म है, जो अपनी खास खुशबू, महीन दाने और बेहतरीन स्वाद के लिए जानी जाती है। इस चावल को वर्ष 2017 में भौगोलिक संकेतक (GI) टैग मिला था और अब यह देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय प्रीमियम बाजारों में भी पहचान बना रहा है।
असम में बड़े क्षेत्र में होती है खेती
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, असम में लगभग 21,662 हेक्टेयर क्षेत्र में जोहा चावल की खेती होती है। वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान इसका अनुमानित उत्पादन करीब 43,298 मीट्रिक टन रहा। नागांव, बक्सा, गोलपाड़ा, शिवसागर, माजुली, चिरांग और गोलाघाट जैसे जिले इसके प्रमुख उत्पादक क्षेत्र हैं।
किसानों की आय बढ़ाने में मदद
केंद्र सरकार के अनुसार, इस निर्यात से असम के किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है और राज्य की पारंपरिक चावल किस्मों को वैश्विक बाजार में नई पहचान मिलेगी। यह पहल उत्तर-पूर्वी क्षेत्र से कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
APEDA की पहल से बढ़ रहा वैश्विक बाजार
इस खेप को असम के कृषि मंत्री अतुल बोरा ने हरी झंडी दिखाई। निर्यात APEDA-पंजीकृत कंपनी Safe Agritrade Pvt. Ltd. द्वारा किया जा रहा है, जबकि चावल का प्रोसेसिंग और पैकिंग गुवाहाटी स्थित Pratik Agro Food Processing में हुई। इससे पहले APEDA जोहा चावल की 1 मीट्रिक टन खेप वियतनाम और 2 मीट्रिक टन खेप कुवैत, बहरीन, कतर, ओमान और सऊदी अरब सहित पांच मध्य-पूर्वी देशों को भी निर्यात करा चुका है।
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