किन केन्द्रों पर मिलेगा केरोसिन, इन राज्यों में बदले नियम, देखें पूरी लिस्ट
Kerosene Rules Change 2026: सरकार ने एलपीजी आपूर्ति संकट के बीच बड़ा फैसला लेते हुए पेट्रोल पंपों पर केरोसिन बिक्री की अनुमति दी है। 21 राज्यों में नियमों में अस्थायी बदलाव किया गया है। राशन और पेट्रोल पंपों के जरिए वितरण होगा। यह व्यवस्था 60 दिनों के लिए लागू रहेगी, जिससे गरीब और ग्रामीण परिवारों को राहत मिलेगी।
Kerosene Rules Change 2026: भारत में वर्ष 2026 में ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने के चलते सरकार ने केरोसिन वितरण नियमों में अस्थायी बदलाव किए हैं, ताकि आम लोगों, खासकर ग्रामीण और कमजोर वर्गों को राहत मिल सके। ये बदलाव वैश्विक संकट के बीच ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए किए गए हैं।
पिछले एक दशक में केरोसिन (Kerosene) को प्रदूषण और इसके दुरुपयोग (ईंधन मिलावट) के कारण कई राज्यों में लगभग खत्म कर दिया गया था। लेकिन पश्चिम एशिया में तनाव, खासकर ईरान युद्ध के कारण एलएनजी और एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने सीमित स्तर पर केरोसिन की वापसी की है, ताकि गरीब परिवारों को खाना पकाने और रोशनी के लिए ईंधन मिल सके।
कौन से किये गए बदलाव
29 मार्च 2026 को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर सुरक्षा और लाइसेंसिंग नियमों में ढील दी। अब इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसे सरकारी पेट्रोल पंप 5,000 लीटर तक केरोसिन स्टोर कर सकते हैं। प्रत्येक जिले में अधिकतम दो पेट्रोल पंपों को इसकी अनुमति दी गई है। वितरण को तेज करने के लिए डीलरों और ट्रांसपोर्टरों को कुछ लाइसेंस नियमों से छूट दी गई है।
कितने राज्यों में लागू हुई यह व्यवस्था
यह व्यवस्था 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू की गई है, जिनमें दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, गुजरात और राजस्थान जैसे राज्य शामिल हैं। इन राज्यों में पहले केरोसिन वितरण बंद हो चुका था। अब राशन दुकानों और पेट्रोल पंपों के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में प्राथमिकता के आधार पर आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए अतिरिक्त 48,000 किलोलीटर केरोसिन आवंटित किया गया है।
फ्री राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों की लिस्ट 2026
- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (NCR)
- चंडीगढ़
- हरियाणा
- पंजाब
- दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
- पुडुचेरी
- आंध्र प्रदेश
- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
- राजस्थान
- उत्तर प्रदेश
- गोवा
- गुजरात
- उत्तराखंड
- लक्षद्वीप
- जम्मू और कश्मीर
- लद्दाख
- तेलंगाना
- हिमाचल प्रदेश
- नागालैंड
- मध्य प्रदेश
- सिक्किम
नए नियम कब से है प्रभावी
ये नियम 29 मार्च 2026 से तुरंत प्रभाव में आ गए हैं और 60 दिनों तक या अगली सूचना तक लागू रहेंगे। केरोसिन का उपयोग केवल घरेलू जरूरतों जैसे खाना पकाने और रोशनी के लिए ही सीमित रहेगा। साथ ही, सरकार ने एलपीजी रिफिल अंतराल बढ़ाने और कोयले की आपूर्ति बढ़ाने जैसे अन्य कदम भी उठाए हैं।
निगरानी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
यह अस्थायी कदम जरूरतमंदों को राहत देगा, लेकिन इससे प्रदूषण और ईंधन मिलावट का खतरा भी बढ़ सकता है। हालांकि, सरकार ने निगरानी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। यह नीति दिखाती है कि वैश्विक संकट के समय भारत अपनी ऊर्जा रणनीति में लचीलापन अपनाता है।
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In view of the prevailing geopolitical situation affecting energy supplies worldwide, the Central Government has decided to make an ad hoc allocation of Public Distribution System (PDS) Superior Kerosene Oil (SKO) to the States/Union Territories (UTs), including 21 States/UTs… pic.twitter.com/EDX9ZBXDkW
— ANI (@ANI) March 29, 2026
Bagesh Yadav is a journalist and current affairs analyst with over six years of experience in education journalism, national and international affairs, and digital media. He has contributed to India’s leading knowledge platforms, including Vision IAS and Only IAS, and currently serves in a senior editorial role at Jagranjosh.com, where he leads coverage across the Current Affairs and General Knowledge sections. His expertise spans breaking news, government policy analysis, world affairs, sports updates, science and technology, and visually engaging infographics. Known for his commitment to factual accuracy, editorial integrity, and audience-first storytelling, Bagesh delivers well-researched, accessible, and impactful journalism that serves millions of students, competitive exam aspirants, and informed readers across India.