उत्तर प्रदेश के किस जिले का शेर दरवाजे से है संबंध, जानें
उत्तर प्रदेश भारत में सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य है। इसके साथ ही यह सबसे अधिक जिले वाला राज्य भी है। प्रदेश के प्रत्येक जिले की अपनी विशेषता है, जिसमें यहां की संस्कृति, एतिहासिक स्थलों और अनूठी पंरपराओं का विशेष योगदान है। आपने प्रदेश के अलग-अलग जिलों के बारे में पढ़ा और सुना होगा। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश के किस जिले का संबंध शेर दरवाजे है। यदि नहीं जानते हैं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
उत्तर प्रदेश भारत में सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है। साल 2011 में यहां की आबादी 19 करोड़ 98 लाख 12 हजार 341 दर्ज की गई थी, जो कि पूरे भारत की करीब 16.5 फीसदी थी। साथ ही यह राज्य सबसे अधिक जिले वाला राज्य भी है।
राज्य के प्रत्येक जिले की अपनी विशेषता है, जो कि धार्मिक, सांस्कृतिक और अनूठी परंपराओं की वजह से है। इसमें यहां की एतिहासिक स्थल भी शामिल हैं। आपने प्रदेश के अलग-अलग जिलों के बारे में पढ़ा और सुना होगा। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश के किस जिले का संबंध शेर दरवाजे है। यदि नहीं जानते हैं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
उत्तर प्रदेश में कुल जिले
उत्तर प्रदेश में कुल जिलों की बात करें, तो इनकी संख्या 75 है, जो कि 18 मंडलों में आते हैं। इसके अतिरिक्त में प्रदेश में कुल 822 सामुदायिक विकास खंड, 5 विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, 351 तहसील और 17 नगर निगम मौजूद हैं।
उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा और सबसे छोटा जिला
उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े और सबसे छोटे जिले की बात करें, तो सबसे बड़ा जिला लखीमपुर खीरी है। यह जिला कुल 7680 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। वहीं, प्रदेश का सबसे छोटा जिला हापुड़ है, जो कि 660 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। प्रदेश का सबसे पूर्वी जिला बलिया, सबसे उत्तरी जिला सहारनपुर, सबसे दक्षिणी जिला सोनभद्र और सबसे पश्चिमी जिला शामली है।
किस जिले में है शेर दरवाजा
अब सवाल है कि आखिर प्रदेश के किस जिले में शेर दरवाजा मौजूद है, तो आपको बता दें कि प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शेर दरवाजा मौजूद है।
क्यों मशहूर है शेर दरवाजा
कैसरबाग के स्वास्थ्य भवन चौराहे से राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह जाने वाले मार्ग पर 100 मीटर बढ़ने पर एक दरवाजा है। इस पर शेर की आकृति बनी हुई है। यह दरवाजा 150 साल पुराना है, जो कि आजादी की क्रांति का गवाह रहा है।
यहां अंग्रेजी सेना का नेतृत्व कर रहे जनरल नील व उसकी सेना का भारतीयों से युद्ध हुआ था। भारतीयों और अंग्रेजी सेना के बीच यहां दो दिनों तक संघर्ष चला था, जिसमें जनरल नील मारा गया था। ऐसे में इस नील दरवाजे से भी जाना जाता है।
हम उम्मीद करते हैं कि यह लेख आपको पसंद आया होगा। इसी तरह सामान्य अध्ययन से जुड़ा अन्य लेख पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।
पढ़ेंः उत्तर प्रदेश के किस जिले का कालिंजर के किले से है संबंध, जानें
A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.