DU One-Year PG Admission 2027-28: दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक साल पीजी कोर्स में बदलेंगे नियम, 2027 से एंट्रेंस एग्जाम कराने पर विचार

Delhi University PG Entrance Exam Update: दिल्ली विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सेशन 2027-28 से एक साल पीजी कोर्स के लिए एंट्रेंस एग्जाम आयोजित करने के प्रस्ताव पर विचार किया है, जिससे एडमिशन प्रक्रिया अधिक आसान हो सकेगी।

Nov 5, 2026, 18:43 IST
DU One-Year PG Admission 2027-28
DU One-Year PG Admission 2027-28

DU One-Year PG Admission 2027-28: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के उन छात्रों के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अंदर चार साल का अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम पूरा करने के बाद एक साल पोस्टग्रेजुएट (PG) कोर्स में एडमिशन लेना चाहते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय ने दिल्ली हाईकोर्ट को यह जानकारी दी है कि वह आने वाले सेशन 2027-28 से एक साल मास्टर डिग्री कोर्स में एडमिशन के लिए एडमिशन टेस्ट (Entrance Test) शुरू करने के एक प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रहा है। 

अभी इस कोर्स के लिए कोई एंट्रेंस एग्जाम नहीं होते थे, बल्कि इसे प्राथमिकता कैटेगरी (P1 और P2) के आधार पर भरा जाता था। आइए जानते हैं कि इस पूरी प्रक्रिया में बदलाव क्यों किया जा रहा है और छात्रों के लिए इसका क्या मतलब है।

DU One-Year PG Admission: मुख्य डिटेल्स 

DU One-Year PG Admission से जुड़ी सभी इंपॉर्टेंट डेट्स के बारे जानने के लिए छात्र नीचे दी गई टेबल को देखें। 

Related Stories

इवेंट
डिटेल्स 
संस्थान का नाम
दिल्ली विश्वविद्यालय (Delhi University - DU)
प्रस्तावित सेशन 
शैक्षणिक सेशन 2027-28
कोर्स का प्रकार
एक वर्षीय पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम (One-Year PG Programme - NEP 4-Year UG के बाद)
वर्तमान एडमिशन प्रक्रिया
प्राथमिकता श्रेणियों (Priority System - P1 & P2) के आधार पर
एक्सपेक्टेड बदलाव
एंट्रेंस एग्जाम के मार्क्स के आधार पर सेलेक्शन 
मामला कहां विचाराधीन
दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court)

क्यों उठानी पड़ी एंट्रेंस एग्जाम की जरूरत? (The Background & Student Grievances)

दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा चार साल के 4-Year UG Programme के अंदर एक साल मास्टर प्रोग्राम की शुरुआत की गई थी। इसके तहत दाखिले के लिए यूनिवर्सिटी ने प्राथमिकता (Priority) का नियम बनाया था:

  • P1 कैटेगरी (प्रथम प्राथमिकता): वे छात्र जिन्होंने संबंधित सब्जेक्ट में रिसर्च या एंटरप्रेन्योरशिप के साथ चार साल की ऑनर्स डिग्री ली हो।

  • P2 कैटेगरी (द्वितीय प्राथमिकता): वे छात्र जिन्होंने चार साल की मल्टीडिसिप्लिनरी डिग्री (संबंधित विषय में मेजर के साथ) प्राप्त की हो।

  • DU के एक साल पीजी प्रोग्राम में सीटों का क्या है हाल?

    विश्वविद्यालय ने शुरुआत में एक साल पीजी प्रोग्राम के लिए 1,063 सीटें उपलब्ध कराई थीं। बाद में सीटों की संख्या बढ़ाई गई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, नियमित और ओपन लर्निंग को मिलाकर कुल 6,147 सीटें की गईं।

    Programme 
    Seats
    One-year PG (2026-27 batch)
    6,147
    Of which, open school
    3,340
    Two-year PG programme
    12,000

    इस व्यवस्था के तहत P1 कैटेगरी के छात्रों को प्राथमिकता दी जाती थी, चाहे उनके मार्क्स (CGPA) P2 कैटेगरी के छात्रों से कम ही क्यों न हों। इसी नीति को कुछ स्कूलों ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी और इसे "भेदभावपूर्ण" करार दिया। छात्रों का तर्क था कि इससे अधिक मार्क्स लाने वाले योग्य छात्रों को नुकसान हो रहा है।

    बुनियादी ढांचे और सीटों पर बढ़ता दबाव (Infrastructure & Capacity Pressures)

    दिल्ली विश्वविद्यालय ने अदालत को यह भी बताया है कि इस नए एक वर्षीय पाठ्यक्रम के जुड़ने से यूनिवर्सिटी के संसाधनों और बुनियादी ढांचे पर भारी दबाव पड़ा है।

    • 2026-27 के शैक्षणिक सेशन में इस एक वर्षीय पीजी प्रोग्राम के तहत लगभग 6,147 सीटें जोड़ी गईं (जिसमें नियमित और स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग - SOL दोनों शामिल हैं)।
    • यूनिवर्सिटी प्रशासन के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में सीटें बढ़ने से कॉलेज परिसरों, कक्षाओं, शिक्षकों की उपलब्धता और अकॉमोडेशन पर काफी अधिक दबाव आ गया है, जिसके कारण चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

    यहां भी पढ़े: Education Policy 2026: एनईपी 2020 के अंदर बड़ा कदम, बिहार में भोजपुरी, मैथिली और मगही संग 6 क्षेत्रीय लैंग्वेज में होगी शुरुआती पढ़ाई

    Akshara Verma

    Executive - Editorial

    आप जागरण जोश पर सरकारी नौकरी, रिजल्ट, स्कूल, सीबीएसई और अन्य राज्य परीक्षा बोर्ड के सभी लेटेस्ट जानकारियों के लिए ऐप डाउनलोड करें।